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तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे || Teri Mand Mand Muskaniya Pe Bhajan Lyrics
कृष्ण भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
भजन का अर्थ
यह भजन कृष्ण की मंद-मंद मुस्कान, घुंघराले बाल, मोर मुकुट और मतवाली चाल पर भक्त के मुग्ध हो जाने का वर्णन करता है, साथ ही राधा संग उनकी युगल छवि की महिमा भी गाई गई है।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन जन्माष्टमी और कृष्ण भजन-कीर्तन में कृष्ण के रूप-सौंदर्य के गुणगान के लिए गाया जाता है।
भजन के बोल
तेरी मंद-मंद मुस्कनिया पे, बलिहार प्यारे जू |
तेरी मंद-मंद मुस्कनिया पे, बलिहार प्यारे जू ||
तेरे बाल बड़े घुंगराले, बादल जो कारे कारे |
तेरी मोर मुकट लटकनिया पे, बलिहार प्यारे जू ||
तेरी मंद-मंद मुस्कनिया पे, बलिहार प्यारे जू || --- (2)
तेरी चाल अजब मतवाली, लगती है प्यारी-प्यारी |
तेरी पायल की झंकार पे, बलिहार प्यारे जू ||
तेरी मंद-मंद मुस्कनिया पे, बलिहार प्यारे जू || --- (2)
तेरे संग में राधा प्यारी, लगती है सबसे नियारी |
इस युगल छवि पे मे जाऊ, बलिहार प्यारे जू ||
तेरी मंद-मंद मुस्कनिया पे, बलिहार प्यारे जू || --- (2)
तेरे नयन बड़े मतवारे, मटके है कारे कारे |
तेरी तिरछी सी चितवनिया पे, बलिहार प्यारे जू ||
तेरी मंद-मंद मुस्कनिया पे, बलिहार प्यारे जू || --- (2)
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