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श्री राधे श्याम जैसी हो जोड़ी, हो तो ऐसी हो | Radhe Shyam Jaisi Ho Jodi Lyrics
कृष्ण भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
भजन का अर्थ
यह भजन किसे समर्पित है और मुख्य भाव क्या है
यह भजन राधा-कृष्ण, शिव-पार्वती और राम-सीता जैसे आदर्श दंपतियों के प्रेम और साथ को समर्पित है। इसमें सच्चे प्रेम की पहचान जीवनभर एक-दूसरे का साथ निभाने में बताई गई है।
भजन की पंक्तियों का मतलब
राधा-कृष्ण की जोड़ी को प्रेम और समर्पण का आदर्श बताया गया है।
शिव-पार्वती और राम-सीता के उदाहरण से जीवनसाथी का साथ निभाने का भाव समझाया गया है।
गंगा-यमुना, चंद्रमा-सूर्य और तारों के माध्यम से प्रकृति में भी साथ और जुड़ाव दिखाया गया है।
साधु-संत और भक्तों के उदाहरण से गुरु, संत और भक्त के बीच के संबंध को दर्शाया गया है।
भजन का मुख्य संदेश है कि सच्चा प्रेम वही है जिसमें सुख-दुःख में साथ कभी न छोड़ा जाए।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन भजन-कीर्तन, सत्संग और धार्मिक आयोजनों में गाया जा सकता है।
इसे राधा-कृष्ण, शिव-पार्वती और राम-सीता की भक्ति के साथ प्रेम, समर्पण और अच्छे संबंधों की भावना के लिए गाया जाता है।
विवाह या वैवाहिक शुभ अवसरों पर भी इसकी पंक्तियाँ उपयुक्त मानी जा सकती हैं।
भजन के बोल
जोड़ी हो तो ऐसी हो
श्री राधे श्याम जैसी हो,
न छोड़ा साथ मुरली ने
मोहब्बत हो तो ऐसी हो।।
आगे आगे भोले बाबा, पीछे गौरा मैया,
न छोड़ा साथ नंदी ने
मोहब्बत हो तो ऐसी हो......
आगे आगे राम चले,
पीछे सीता मैया,
न छोड़ा साथ लक्ष्मण ने ,मोहब्बत....
आगे आगे गंगा मैया पीछे-पीछे यमुना,
न छोड़ा साथ लहरों ने, मोहब्बत....
आगे आगे चंदा चले,
पीछे पीछे सूरज,
न छोड़ा साथ तारों ने ,मोहब्बत....
आगे आगे साधु चले,
पीछे पीछे संत,
न छोड़ा साथ भक्तों ने ,मोहब्बत....
दिल दबाकर अपना समर्थन दिखाइए

