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राखी बंधवा ले मेरे वीर, बहना बड़ी दूर से आई | Rakhi Bandhwa Le Mere Veer | Raksha Bandhan Song Lyrics
कृष्ण भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
भजन का अर्थ
यह रक्षाबंधन का एक मार्मिक भजन है जिसमें एक बहन अपने दूर देश से भाई के पास राखी बंधवाने आती है और अपने कठोर पति से परेशान होकर भाई से अनोखा उपहार मांगती है। जब भाई उसे महंगे गहने या नौलखा हार देने की पेशकश करता है, तो वह सांसारिक उपहारों के बजाय अपने भाई को ही 'चौकीदार' (रक्षक) के रूप में मांग लेती है। भाई के रक्षक के रूप में साथ आने पर अहंकारी पति होश में आकर पछताता है और समझता है कि उसकी पत्नी कितनी चतुर है जो अपने भाई को अपने साथ ले आई है।
भजन के बोल
राखी बंधवा ले मेरे वीर, बहना बड़ी दूर से आई
मैं बड़ी दूर से आई, मैं बड़ी दूर से आई,
राखी बंधवा ले मेरे वीर...
तेरा जीजा है बेदर्दी,
वो करते अपनी मर्जी चाहे विनती करो हजार,
बहना बड़ी दूर से आई,
राखी बंधवा ले मेरे वीर...
भाई ने हाथ बढ़ाया,
बहना ने राखी बाँधी बहना जो चाहिए सो माँग,
बहना बड़ी दूर से आई, राखी बंधवा ले मेरे वीर...
तुझे महंगा चाहिए बहना,
तुझे गहना चाहिए बहना, बहना ले ले नौलखा हार,
बहना बड़ी दूर से आई, राखी बंधवा ले मेरे वीर...
मुझे ना चाहिए तेरा लहंगा,
मुझे ना चाहिए तेरा गहना, भैया दे दो चौकीदार,
बहना बड़ी दूर से आई, राखी बंधवा ले मेरे वीर...
पती राजा होश में आए,
सिर धुन धुन के पछताए बहना कैसी छलिया नार,
मेरा ले गई चौकीदार,
मैं बड़ी दूर से आई, मैं बड़ी दूर से आई,
राखी बंधवा ले मेरे वीर...
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