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अच्युतम केशवम् Lyrics | Achyutam Keshavam | कौन कहता है भगवान आते नहीं
कृष्ण भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
भजन का अर्थ
यह भजन किसे समर्पित है और मुख्य भाव क्या है
यह भजन भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है और उनके भक्तवत्सल एवं प्रेमपूर्ण स्वरूप का वर्णन करता है। इसमें मीरा, शबरी और यशोदा जैसे भक्तों के उदाहरणों के माध्यम से भगवान को सच्चे प्रेम और श्रद्धा से पुकारने का भाव दिया गया है।
भजन की पंक्तियों का मतलब
भजन कहता है कि भगवान सच्ची भक्ति और प्रेम से पुकारने पर अपने भक्तों के पास आते हैं।
मीरा की भक्ति और शबरी के बेर का उदाहरण भगवान के भक्त-प्रेम को दर्शाता है।
यशोदा के साथ कृष्ण की बाल लीलाओं और गोपियों के साथ उनके नृत्य का स्मरण किया गया है।
अंत में भक्त को निरंतर भगवान का नाम जपते हुए अपने कर्म करते रहने की प्रेरणा दी गई है।
सच्ची श्रद्धा से भगवान का ध्यान करने पर उनके दर्शन मिलने की आशा व्यक्त की गई है।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन भगवान श्रीकृष्ण और श्रीराम की भक्ति से जुड़े धार्मिक आयोजनों में गाया जाता है।
राम नवमी, विजय दशमी, सुंदरकांड, रामचरितमानस कथा और अखंड रामायण के पाठ में इसके गाए जाने का उल्लेख मिलता है।
कृष्ण भक्ति, सत्संग और सामान्य पूजा में भी इसे श्रद्धा और भगवान के स्मरण के लिए गाया जाता है।
इससे जुड़ी मान्यता
भजन में मीरा, शबरी और यशोदा के प्रसंगों के माध्यम से यह भक्ति-भाव व्यक्त होता है कि भगवान अपने भक्तों के प्रेम और श्रद्धा से प्रसन्न होते हैं। मीरा का कृष्ण-प्रेम और शबरी द्वारा राम को बेर अर्पित करने की कथा इसी भाव को दर्शाती है।
भजन के बोल
अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी वल्लभम्।
कौन कहता हे भगवान आते नहीं,
तुम मीरा के जैसे बुलाते नहीं ।
अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी वल्लभम्।
कौन कहता है भगवान खाते नहीं,
बेर शबरी के जैसे खिलाते नहीं ।
अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी वल्लभम्।
कौन कहता है भगवान सोते नहीं,
माँ यशोदा के जैसे सुलाते नहीं ।
अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी वल्लभम्।
कौन कहता है भगवान नाचते नहीं,
गोपियों की तरह तुम नचाते नहीं ।
अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी वल्लभम्।
नाम जपते चलो काम करते चलो,
हर समय कृष्ण का ध्यान करते चलो ।
अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी वल्लभम्।
याद आएगी उनको कभी ना कभी,
कृष्ण दर्शन तो देंगे कभी ना कभी ।
अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी वल्लभम्।
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