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सांवली सूरत पे मोहन दिल दीवाना हो गया लिरिक्स || Sawali Surat Pe Mohan Bhajan Lyrics
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 25 फ़रवरी 2025
भजन का अर्थ
यह भजन भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है, जिसमें भक्त उनकी सांवली सूरत और मनमोहक रूप से प्रभावित होकर अपने प्रेम और भक्ति को व्यक्त करता है। भजन का मुख्य भाव कृष्ण के प्रति प्रेम, आकर्षण और समर्पण है।
भजन में श्रीकृष्ण के तिरछे नैन, काजल, मुस्कान और सुंदर होंठों का वर्णन किया गया है।
उनके कोमल हाथों, मेहँदी और मधुर मुरली की धुन से भक्त के मन के दीवाना होने का भाव है।
आगे उनके नाज़ुक चरण, पायल और घुंगरुओं की झंकार का सुंदर वर्णन किया गया है।
छप्पन भोग, माखन और खिचड़े के माध्यम से कृष्ण की बाल लीलाओं और भोग-प्रेम को दर्शाया गया है।
राधा, रुक्मिणी और मीरा के उल्लेख से कृष्ण के प्रति अलग-अलग भक्तों और प्रेम के भावों को दर्शाया गया है।
अंत में भक्त उन्हें देवता और अपना प्रियतम मानकर उनके सपनों में आने की इच्छा व्यक्त करता है।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, कृष्ण पूजा और भजन-कीर्तन के अवसर पर गाया जा सकता है।
इसे राधा-कृष्ण मंदिरों, सत्संग और धार्मिक आयोजनों में प्रेम एवं भक्ति भाव से गाया जाता है।
भजन का गायन भगवान श्रीकृष्ण के सुंदर स्वरूप का स्मरण करने और उनके प्रति प्रेम व्यक्त करने के लिए किया जाता है।
भजन के बोल
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया ।
Sanwali surat pe mohan, dil diwana ho gaya
दिल दीवाना हो गया मेरा, दिल दीवाना हो गया ॥ ---- (2)
Dil diwana ho gaya mera, dil diwana ho gaya ---- (2)
एक तो तेरे नैन तिरछे, दूसरा काजल लगा ।
Ek to tere nain tirachhe, dusra kajal laga
तीसरा नज़रें मिलाना, दिल दीवाना हो गया ॥
Tisra nazrein milana, dil diwana ho gaya
सांवली सूरत पे मोहन .....
Sanwali surat pe mohan .....
एक तो तेरे होंठ पतले, दूसरा लाली लगी ।
Ek to tere honth patle, dusra lali lagi
तीसरा तेरा मुस्कुराना, दिल दीवाना हो गया ॥
Tisra tera muskurana, dil diwana ho gaya
सांवली सूरत पे मोहन ......
Sanwali surat pe mohan ......
एक तो तेरे हाथ कोमल, दूसरा मेहँदी लगी ।
Ek to tere hath komal, dusra mehandi lagi
तीसरा मुरली बजाना, दिल दीवाना हो गया ॥
Tisra murli bajana, dil diwana ho gaya
सांवली सूरत पे मोहन .....
Sanwali surat pe mohan .....
एक तो तेरे पाँव नाज़ुक, दूसरा पायल बंधी ।
Ek to tere panv nazuk, dusra payal bandhi
तीसरा घुंगरू बजाना, दिल दीवाना हो गया ॥
Tisra ghungru bajana, dil diwana ho gaya
सांवली सूरत पे मोहन .....
Sanwali surat pe mohan .....
एक तो तेरे भोग छप्पन, दूसरा माखन धरा ।
Ek to tere bhog chhappan, dusra makhan dhara
तीसरा खिचडे का खाना, दिल दीवाना हो गया ॥
Tisra khichade ka khana, dil diwana ho gaya
सांवली सूरत पे मोहन ......
Sanwali surat pe mohan ......
एक तो तेरे साथ राधा दूसरा रुक्मण खड़ी ।
Ek to tere sath radha dusra rukman khadi
तीसरा मीरा का आना, दिल दीवाना हो गया ॥
Tisra meera ka ana, dil diwana ho gaya
सांवली सूरत पे मोहन ......
Sanwali surat pe mohan ......
एक तो तुम देवता हो, दूसरा प्रियतम मेरे ।
Ek to tum devta ho, dusra priytam mere
तीसरा सपनों में आना, दिल दीवाना हो गया ॥
Tisra sapnon men ana, dil diwana ho gaya
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया ।
Sanwali surat pe mohan, dil diwana ho gaya
दिल दीवाना हो गया मेरा, दिल दीवाना हो गया ॥
Dil diwana ho gaya mera, dil diwana ho gaya
दिल दबाकर अपना समर्थन दिखाइए







