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लहर लहर लहराए रे मेरे आंगन की तुलसी | Leher Leher Lehraye Re Mere Aangan Ki Tulsi Lyrics
कृष्ण भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
भजन का अर्थ
यह भजन आँगन में लहराती तुलसी के गुणों का प्रश्नोत्तर शैली में बखान करता है - वह हवा में सुगंध फैलाती है, मंदिर की शोभा बढ़ाती है, बिना उसके भगवान भोग ग्रहण नहीं करते और वह सारे रोग भी दूर भगाती है।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन तुलसी पूजा, कार्तिक मास और देव उठनी एकादशी के अवसर पर गाया जाता है, जब तुलसी विवाह की परंपरा निभाई जाती है।
भजन के बोल
लहर लहर लहराए रे मेरे आँगन कि तुलसी.................
लहर लहर लहराए रे मेरे आँगन कि तुलसी..........
इस तुलसी में क्या क्या गुण है,
कहो क्या गुण है, बोलो क्या गुण है ...
हवा में खुशबु फैलाये रे मेरे आँगन कि तुलसी.................
इस तुलसी में क्या क्या गुण है,
कहो क्या गुण है, बोलो क्या गुण है ...
मंदिर कि शोभा बढ़ाये रे मेरे आँगन कि तुलसी.................
इस तुलसी में क्या क्या गुण है,
कहो क्या गुण है, बोलो क्या गुण है ...
तुलसी बिन प्रभु भोग ना पाये रे मेरे आँगन कि तुलसी.................
इस तुलसी में क्या क्या गुण है,
कहो क्या गुण है, बोलो क्या गुण है ...
के मन को भाए रे मेरे आँगन कि तुलसी.................
इस तुलसी में क्या क्या गुण है,
कहो क्या गुण है, बोलो क्या गुण है ...
घर आँगन महकाये रे मेरे आँगन कि तुलसी.................
इस तुलसी में क्या वया गुण है,
कहो क्या गुण है, बोलो क्या गुण है ...
ये तो सारे रोग भगाए रे मेरे आँगन कि तुलसी.................
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