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मिलते नहीं है भगवान गुरु के बिना | Guru Bhajan Milte Nahi Bhagwan Guru Ke Bina Lyrics
कृष्ण भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 5 जुलाई 2024
भजन का अर्थ
यह भजन स्पष्ट रूप से कहता है कि गंगा-यमुना में स्नान करने, मंदिर-गुरुद्वारे या चारों धाम की यात्रा करने, गीता-रामायण-वेद का पाठ करने अथवा माला जपने से भी भगवान की सच्ची प्राप्ति तभी संभव है जब सद्गुरु का मार्गदर्शन प्राप्त हो।
भजन का संदेश है कि बिना गुरु के आध्यात्मिक मार्ग अधूरा और भटकाव भरा रह जाता है।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन गुरु पूर्णिमा, गुरु दीक्षा समारोह और सत्संग में गाया जाता है, जब गुरु के महत्व और उनकी अनिवार्यता का संदेश देना हो।
भजन के बोल
मिलते नहीं है भगवान गुरु के बिना ||
मिलते नहीं है भगवान गुरु के बिना || .........(2)
गंगा में नहा ले, चाहे में जमुना में नहा ले
नहा ले नै चाहे हरिद्वार, गुरु के बिना .........(2)
मिलते नहीं है भगवान गुरु के बिना ||
मंदिर में जा ले, चाहे गुरुद्वारे में जा ले,
जा ले नै चाहे चारों धाम, गुरु के बिना ..........(2)
मिलते नहीं है भगवान गुरु के बिना ||
गीता पढ़ ले चाहे, रामायण पढ़ ले ,
पढले नै वेद पुराण, गुरु के बिना.............(2)
मिलते नहीं है भगवान गुरु के बिना ||
चाहे तुम सौ माला जप लो, चाहे तुम सौ धुणी रमा लो ||
चाहे तुम ले लो सन्यास गुरु के बिना............(2)
मिलते नहीं है भगवान गुरु के बिना ||
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