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श्री राम का दिल घबराया है मेरा हनुमान नहीं आया है || Shri Ram Ka Dil Ghabraya Hai Mera Hanuman Nahin Aaya Hai Bhajan Lyrics
राम भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 8 जनवरी 2024
भजन का अर्थ
यह भजन उस मार्मिक क्षण को दर्शाता है जब लक्ष्मण को मेघनाद की शक्ति लगने पर श्रीराम व्याकुल हो उठते हैं, क्योंकि संजीवनी बूटी लेने गए हनुमान जी अभी तक नहीं लौटे।
भजन में राम के हृदय की घबराहट और अपने प्रिय भाई लक्ष्मण तथा परम भक्त हनुमान के प्रति उनकी गहरी चिंता को दर्शाया गया है — यह प्रसंग रामायण के सबसे भावुक क्षणों में से एक माना जाता है, जहाँ मर्यादा पुरुषोत्तम राम भी एक सामान्य मनुष्य की तरह व्याकुल हो उठते हैं।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन हनुमान जयंती, रामनवमी और रामलीला के "लक्ष्मण-शक्ति" प्रसंग के मंचन के समय गाया जाता है, जब भक्त हनुमान जी के इस अद्भुत पराक्रम का स्मरण करते हैं।
मंगलवार और शनिवार की हनुमान पूजा में भी इसे भावविभोर होकर गाया जाता है।
इससे जुड़ी मान्यता
युद्धभूमि में जब रावण-पुत्र मेघनाद ने लक्ष्मण पर ब्रह्मा से प्राप्त अमोघ 'शक्ति' अस्त्र चलाया, तो लक्ष्मण मूर्छित होकर गिर पड़े। वैद्य सुषेण ने बताया कि हिमालय पर स्थित द्रोणागिरि पर्वत पर उगी संजीवनी बूटी से ही लक्ष्मण के प्राण बच सकते हैं, और सूर्योदय से पहले यह बूटी लानी होगी।
हनुमान जी तुरंत द्रोणागिरि पर्वत की ओर उड़ चले, पर वहाँ पहुँचकर वे संजीवनी बूटी को पहचान नहीं पाए। समय बीतता देख उन्होंने पूरा पर्वत ही उठाकर युद्धभूमि की ओर उड़ान भर दी। इस दौरान श्रीराम अपने भाई की मूर्छा और हनुमान के लौटने में हो रही देरी से अत्यंत व्याकुल हो उठे थे।
समय रहते हनुमान जी संजीवनी सहित पहुँचे और वैद्य सुषेण ने बूटी से लक्ष्मण के प्राणों की रक्षा की। इस घटना ने हनुमान जी को राम-भक्ति और वीरता का सर्वोच्च प्रतीक बना दिया, और यह प्रसंग आज भी रामायण के सबसे प्रिय अंशों में गिना जाता है।
भजन के बोल
श्री राम का दिल घबराया है, मेरा हनुमान नहीं आया है |
मेरा हनुमान नहीं आया है, मेरा हनुमान नहीं आया है
श्री राम का दिल घबराया है, मेरा हनुमान नहीं आया है |
भैया लाखन को लगी है शक्ति, बूटी लेने गए बजरंगी ,
क्या बूटी ढूंढ नहीं पाया है, मेरा हनुमान नहीं आया है |
श्री राम का दिल घबराया है, मेरा हनुमान नहीं आया है |
पूरब में है लाली छायी, अब तो भोर होने को आयी |
श्री राम का मन अकुलाया है, मेरा हनुमान नहीं आया है |
श्री राम का दिल घबराया है, मेरा हनुमान नहीं आया है |
बोले है वानर सुनो प्रभु, आते ही होंगे मेरे हनु |
वो तो पर्वत उठा के लाया है, मेरा हनुमान अब आया है |
श्री राम का दिल घबराया है, मेरा हनुमान नहीं आया है |
बूटी को घोल पिलाया है, लक्ष्मण को चेत तब आया है |
श्री राम ने गले से लगाया है, मेरा हनुमान अब आया है |
श्री राम का दिल घबराया है, मेरा हनुमान नहीं आया है |
दिल दबाकर अपना समर्थन दिखाइए






