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मेरे राम, दया के सागर हैं || Mere Ram Daya Ke Sagar Hai Bhajan Lyrics
राम भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 21 दिसंबर 2023
भजन का अर्थ
यह भजन राम को दया का सागर बताते हुए भक्त की उस विनती को व्यक्त करता है जिसमें वह कहता है कि चाहे राम त्रेता में आएँ, द्वापर में आएँ — भक्त को असली संतोष तभी मिलेगा जब वे कलियुग में आकर उसकी बिगड़ी बात बनाएँ।
भजन में अयोध्या और मथुरा जैसे पवित्र स्थलों का उल्लेख करते हुए यह भाव व्यक्त किया गया है कि भक्त को केवल पौराणिक कथाओं से संतोष नहीं, बल्कि राम के अपने वर्तमान जीवन में साक्षात प्रकट होने की चाह है।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन राम नवमी और राम भजन-कीर्तन के अवसर पर गाया जाता है, विशेषकर जब भक्त अपनी व्यक्तिगत कठिनाइयों में राम की कृपा की कामना करते हैं।
घरेलू पूजा और सत्संग में भी इसे भावपूर्ण ढंग से गाया जाता है।
भजन के बोल
मेरे राम, दया के सागर हैं,
मेरी विगड़ी बनाओ, तो जाने
त्रेता में आए, तो क्या आए,
द्वापर में आए, तो क्या आए
कल्युग में आओ, तो जाने,
मेरी विगड़ी बनाओ, तो जाने
मेरे राम, दया के,,,,,,,,,,,,,,,
अयोधिया में आए, तो क्या आए,
मथुरा में आए, तो क्या आए
मेरे घर में आओ, तो जाने,
मेरी विगड़ी बनाओ, तो जाने
मेरे राम, दया के,,,,,,,,,,,,,,,
मंदिर में आए, तो क्या आए,
मूर्त में आए, तो क्या आए
मेरे दिल में आओ, तो जाने,
मेरी विगड़ी बनाओ, तो जाने
मेरे राम, दया के,,,,,,,,,,,,,,,
दशरथ घर आए, तो क्या आए,
यशोधा घर आए, तो क्या आए
मेरे घर आओ, तो जाने,
मेरी विगड़ी बनाओ, तो जाने
मेरे राम, दया के,,,,,,,,,,,,,,,
पूजा में आए, तो क्या आए,
आरती में आए, तो क्या आए
मेरे कीर्तन आओ, तो जाने,
मेरी विगड़ी बनाओ, तो जाने
मेरे राम, दया के,,,,,,,,,,,,,,,
दिल दबाकर अपना समर्थन दिखाइए







