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जरा फूलों से सजा दो गलियों को मेरे राम अयोध्या आये हैं Mere Ram Ayodhya Aaye Hai
राम भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 17 जनवरी 2024
भजन का अर्थ
यह भजन अयोध्या में श्रीराम के आगमन पर पूरे नगर के उत्सव भाव को दर्शाता है। गलियों को फूलों से और नगरी को दीपों से सजाने का आह्वान किया गया है।
पूजा की थाली, चंदन-रोली, पीतांबर, लाल चुनरिया और सरयू जल लाकर सब मिलकर राम-सिया का श्रृंगार करने और चरण धोने की तैयारी का भावपूर्ण वर्णन इसमें है।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन विशेष रूप से रामनवमी, राम मंदिर के उत्सवों और दीपावली के अवसर पर गाया जाता है, जब भक्त राम के आगमन की खुशी मनाते हैं।
इससे जुड़ी मान्यता
यह भजन उसी प्रसंग से प्रेरित है जब चौदह वर्ष के वनवास और रावण-वध के बाद श्रीराम, सीता व लक्ष्मण सहित अयोध्या लौटे थे। नगरवासियों ने घी के दीये जलाकर उनका भव्य स्वागत किया था, यही स्मृति आज दीपावली पर्व के रूप में मनाई जाती है।
भजन के बोल
जरा फूलों से सजा दो गलियों को मेरे राम अयोध्या आये हैं |
जरा दीपों से सजा दो नगरी को सिया राम अयोध्या आये हैं |
सिया राम अयोध्या आये हैं, मेरे राम अयोध्या आये हैं |
कोई पूजा की थाली ले आओ, कोई रोली चंदन ले आओ |
सब मिलकर जय जय-कार करो सिया राम अयोध्या आये हैं |
कोई पिला पीताम्बर ले आओ कोई लाल चुनरिया ले आओ |
सब मिलकर तुम श्रृंगार करो सिया राम अयोध्या आये हैं |
कोई फूलों की माला ले आओ कोई जल सरयू का ले आओ |
सब मिलकार चरण धूला जाओ सिया राम अयोध्या आये हैं |
कोई मेवा मिठाई ले आओ कोई हलवा पूरी ले आओ |
सब मिलकर भोग लगाओ सिया राम अयोध्या आये हैं |
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