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राम भजो सिया राम जगत में | Ram Bhajo Siya Ram Bhajan Lyrics
राम भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 16 जनवरी 2024
भजन का अर्थ
भजन का सार यह है कि घर में जिस देवता की सच्चे मन से नित्य पूजा होती है, वह घर उन्हीं के धाम जैसा पावन बन जाता है। गणपति, विष्णु, शिव, राम, कृष्ण और तुलसी - हर आराधना का अपना विशेष फल बताया गया है।
वहीं जिस घर में रोज़-रोज़ कलह और झगड़ा होता है, उसे नरक समान कहा गया है। इस तरह भजन घर में भक्ति और आपसी प्रेम बनाए रखने का सुंदर संदेश देता है।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन गृह-प्रवेश, सत्संग और पारिवारिक पूजा के अवसरों पर गाया जाता है, जब घर में शांति और भक्ति का वातावरण बनाए रखने की प्रेरणा देनी हो। रामनवमी और राम भजन-कीर्तन में भी इसे गाया जाता है।
भजन के बोल
राम भजो सिया राम जगत में राम भजो सिया राम।
जिस घर में नित गणपत की पूजा,
वह घर सिद्धि समान,जगत में राम भजो सिया राम।
जिस घर में नित विष्णु की पूजा,
वह घर वैकुंठ समान,जगत में राम भजो सिया राम।
जिस घर में नित शंकर की पूजा,
वह घर कैलाश समान,जगत में राम भजो सिया राम।
जिस घर में नित राम की पूजा,
वह घर अयोध्या समान,जगत में राम भजो सिया राम।
जिस घर में नित कृष्ण की पूजा,
वह घर मथुरा समान,जगत में राम भजो सिया राम।
जिस घर में नित कलेह होवत है,
वह घर नरक समान,जगत में राम भजो सिया राम।
जिस घर में नित तुलसा की पूजा,
वह घर वृंदावन समान,जगत में राम भजो सिया राम।
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