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जन्मे है कृष्ण कन्हाई,गोकुल में बाजे बधाई | Janme Hai Krishna Janmashtami Bhajan Lyrics
कृष्ण भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
भजन का अर्थ
यह जन्माष्टमी भजन गोकुल में कृष्ण जन्म की बधाई की खुशी का वर्णन करता है - यमुना का धन्य होना, वासुदेव का शिशु कृष्ण को गोकुल पहुँचाना और सारी ब्रजभूमि का हर्षित होना इसमें चित्रित है।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन जन्माष्टमी की रात्रि, विशेषकर मध्यरात्रि कृष्ण जन्मोत्सव के समय गाया जाता है।
इससे जुड़ी मान्यता
यह भजन उस पौराणिक प्रसंग पर आधारित है जब मथुरा के अत्याचारी राजा कंस से बचाने के लिए वासुदेव अर्धरात्रि में शिशु कृष्ण को यमुना पार गोकुल ले गए थे, जहाँ नंद-यशोदा के घर उनका पालन-पोषण हुआ।
भजन के बोल
जन्मे है कृष्ण कन्हाई, गोकुल में देखो बाजे बधाई,
बाजे बधाई देखो बाजे बधाई, बाजे बधाई देखो बाजे बधाई,
जन्मे हैं कृष्ण कन्हाई, गोकुल में देखो बाजे बधाई ॥
यमुना भी धन्य हुई, छूके चरण को,
लेके वासुदेव चले,प्यारे ललन को,
वो दिए कान्हा को ब्रज पहुंचाए, गोकुल में देखो बाजे बधाई,
जन्मे हैं कृष्ण कन्हाई, गोकुल में देखो बाजे बधाई ॥
धन्य हुई ये ब्रजभूमि सारी, त्रिलोकी नाथ जन्मे कृष्णमुरारी,
सारी नगरी है आज हरषाई, गोकुल में देखो बाजे बधाई,
जन्मे हैं कृष्ण कन्हाई, गोकुल में देखो बाजे बधाई ॥
अन्न धन लुटावे बाबा, पायल और छल्ला,
लड्डूवा बटें , बर्फी रसगुल्ला,
मैया तो फूली ना समाई, गोकुल में देखो बाजे बधाई,
जन्मे हैं कृष्ण कन्हाई, गोकुल में देखो बाजे बधाई ॥
जन्मे है कृष्ण कन्हाई, गोकुल में देखो बाजे बधाई,
बाजे बधाई देखो बाजे बधाई, बाजे बधाई देखो बाजे बधाई ||
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