"गीत की धुन को समझने के लिए, वीडियो जरूर देखें।"

जब निकले कन्हैया मेरी सांस रे चले आना मुरारी मेरे पास रे | Jab Nikle Kanhaiya Meri Sans | Janmashtami Bhajan Lyrics
कृष्ण भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 25 अगस्त 2024
भजन का अर्थ
यह अत्यंत भावुक भजन एक भक्त की अंतिम इच्छा व्यक्त करता है कि मृत्यु के समय, यमराज के आने पर, अर्थी उठने पर और अंतिम संस्कार के समय कृष्ण-मुरारी उसके साथ रहें।
यह भजन जीवन की नश्वरता को सहज स्वीकार कर हर परिस्थिति में ईश्वर-शरण में रहने का भक्ति-भाव सिखाता है।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन जन्माष्टमी और भक्ति सत्संग में, विशेषकर वैराग्य और ईश्वर-शरणागति का भाव जगाने वाले भजन-कीर्तन के अवसरों पर गाया जाता है।
भजन के बोल
जब निकले कन्हैया मेरी सांस रे चले आना मुरारी मेरे पास रे
जब निकले कन्हैया मेरी सांस रे चले आना मुरारी मेरे पास रे
जब अंत समय मेरा आएगा, यमराज मुझे लेने आएगा......
तुम्हें पाऊ खड़ा अपना पास रे, चले आना मुरारी मेरे पास रे....
जब घर कांधे पे जाउंगी, में कुछ भी बोल ना पाउंगी.........
तुम चल देना मेरे साथ रे, चले आना मुरारी मेरे पास रे....
जब मरघट बिच पड़ी होगी, लकड़ी के बिच फंसी होगी..........
जब तू ही लगना मुझे आग रे, चले आना मुरारी मेरे पास रे........
जब बच्चे मेरे बिलखेंगे, वोटो रो रो रूडन मचायेगे........
तू बधायो उनकी आस रे, चले आना मुरारी मेरे पास रे........
जब निकले कन्हैया मेरी सांस रे चले आना मुरारी मेरे पास रे
जब निकले कन्हैया मेरी सांस रे चले आना मुरारी मेरे पास रे
दिल दबाकर अपना समर्थन दिखाइए