"गीत की धुन को समझने के लिए, वीडियो जरूर देखें।"
बन्नी घूँघट में रहियो बन्ना के अंगना Banni Ghunghat Mein Rahiyo Banna Ke Angana (Shadi Vivah Geet Majakiya)
बन्ना बन्नी गीत
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 22 फ़रवरी 2024
गीत का अर्थ
यह पारंपरिक विवाह गीत नई दुल्हन को ससुराल में व्यवहार के सुंदर संस्कार सिखाता है। सास-ससुर की सेवा करना, ननद को छोटी बहन मानना, जेठानी को भाभी और देवर को भाई समझना इसमें बताया गया है।
माता-पिता की लाज रखने और आस-पड़ोस से मिल-जुलकर रहने की सीख भी इस गीत का हिस्सा है।
यह गीत कब और क्यों गाया जाता है
यह गीत विदाई की रस्म और बारात स्वागत के समय गाया जाता है, जब घर की बड़ी-बुजुर्ग महिलाएँ नई बहू को ससुराल में मिल-जुलकर रहने का आशीर्वाद देती हैं।
गीत के बोल
बन्ना के अंगना.......बन्ना के अंगना........
बन्नी घूँघट में रहियो बन्ना के अंगना......(2)
सास ससुर की सेवा करियो....
हो बन्नी ननदी बनाना तुम छोटी बहना....(2)
जेठानी को अपनी भाभी बनाइयो......
हो बन्नी देवर को समझाना तुम अपना भैया....(2)
माता पिता की तुम लाज रखियो.......
हो बन्नी सबका हुकुम तुम सर रखना....(2)
आस पड़ोसियो से हिल मिल रहना.....
हो बन्नी सबके दिलों में जगह कर ना....(2)
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