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बन्ने की बुआ भग्ग गई रे! Gali Gali Me Phone Karo- Majakiya Geet Hindi Lyrics
Banna Banni Geet
भजन का अर्थ
यह शादी-ब्याह के उत्सव में गाया जाने वाला एक बेहद मजेदार और पारंपरिक बन्ना गीत है। इस गीत में दूल्हे (बन्ने) की महिला रिश्तेदारों जैसे—बुआ, मम्मी, चाची, बहना और मौसी के साथ हंसी-मजाक और छेड़छाड़ की गई है। गीत में मजाकिया अंदाज में कहा गया है कि ये सब लाखों के गहने (टीका, झुमका, तगड़ी, लहंगा, चूड़ा) लेकर भाग गई हैं और अपने पतियों (फूफा, पापा, चाचा, जीजा, मौसा) को बच्चों की जिम्मेदारी के साथ अकेला छोड़ गई हैं। यह गीत विवाह समारोहों में केवल मनोरंजन और हंसी-खुशी का माहौल बनाने के लिए गाया जाता है।
भजन के बोल
गली-गली में फोन करो, बन्ने की बुआ भग्ग गई रे!
बन्ने की बुआ भग्ग गई रे, बन्ने की बुआ भग्ग गई रे!
गली-गली में फोन करो...
एक लाख का टीका ले गई रे, सवा लाख की बिंदिया रे,
बालक-बच्चे हमें सोंप गई, फूफा रहा अकेला रे!
गली-गली में फोन करो...
गली-गली में फोन करो, बन्ने की मम्मी भग्ग गई रे!
एक लाख का झुमका ले गई रे, सवा लाख की नथनी रे,
बालक-बच्चे हमें सोंप गई, पापा रहा अकेला रे!
गली-गली में फोन करो...
गली-गली में फोन करो, बन्ने की चाची भग्ग गई रे!
एक लाख की तगड़ी ले गई रे, सवा लाख का गुच्छा रे,
बालक-बच्चे हमें सोंप गई, चाचा रहा अकेला रे!
गली-गली में फोन करो...
गली-गली में फोन करो, बन्ने की बहना भग्ग गई रे!
एक लाख का लहंगा ले गई रे, सवा लाख की चोली रे,
बालक-बच्चे हमें सोंप गई, जीजा रहा अकेला रे!
गली-गली में फोन करो...
गली-गली में फोन करो, बन्ने की मौसी भग्ग गई रे!
एक लाख का चूड़ा ले गई रे, सवा लाख की मुंदरी रे,
बालक-बच्चे हमें सोंप गई, मौसा रहा अकेला रे!
गली-गली में फोन करो...