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मिर्ची सी तीखी हमारी ननदी पिया हम न बुलाए || Mirchi Si Tikhi Hamari Nandi Lyrics
Banna Banni Geet
भजन का अर्थ
यह हास्य विवाह गीत ननद की मिर्च जैसी तीखी प्रकृति का वर्णन करता है। बहू ने महँगी साड़ी दिलाई तो सस्ती बताई, हीरे जड़े कंगन दिए तो नकली बताए, लैक्मे का मेकअप दिलाया तो नकली कहा और मजेदार खीर बनाई तो फीकी बताई। ऐसी ननद को बहू ने बुलाया भी नहीं। यह गीत ननद-भाभी के रिश्ते की मनोरंजक झड़प को हास्यपूर्ण तरीके से प्रस्तुत करता है।
भजन के बोल
मिर्ची सी तीखी हमारी ननदी,
पिया मिर्ची सी तीखी हमारी ननदी,
पिया हम न बुलाए हमारी ननदी ||
ननद रानी को सैंया मैंने साड़ी दिलायी,
पिया साड़ी दिलायी बड़ी महँगी दिलायी |
उनके नखरे हज़ार कहे हैं सस्ती ||
पिया मिर्ची सी तीखी हमारी ननदी,
पिया हम न बुलाए हमारी ननदी ||
ननद रानी को सैंया मैंने कंगना दिलाया,
कंगना दिलाया उसमें हीरे जड़वाए |
उनके नखरे हजार कहे हैं नकली ||
पिया मिर्ची सी तीखी हमारी ननदी,
पिया हम न बुलाए हमारी ननदी ||
ननद रानी को सैंया मैंने मेकअप दिलाया,
मेकअप दिलाया लैक्मे का दिलाया |
उनके नखरे हजार कहे हैं नकली ||
पिया मिर्ची सी तीखी हमारी ननदी,
पिया हम न बुलाए हमारी ननदी ||
ननद रानी के लिए मैंने खीर बनाई,
खीर बनाई, मजेदार बनाई |
उनके नखरे हजार कहे हैं फिक्की ||
पिया मिर्ची सी तीखी हमारी ननदी,
पिया हम न बुलाए हमारी ननदी ||