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तेरी पायल की मीठी आवाज बन्नी जरा धीरे चलो | Teri Payal Ki Meethi Awaj Banni
बन्ना बन्नी गीत
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
भजन का अर्थ
यह विवाह गीत नई दुल्हन को ससुराल में सास-ससुर, जेठ-जेठानी और आस-पड़ोस से मिल-जुलकर रहने की सीख देता है, जिससे उसे माँ, भाभी और सखियों जैसा ही प्रेम प्राप्त होगा।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह गीत विदाई के समय गाया जाता है, जब घर की बड़ी-बुजुर्ग महिलाएँ नई बहू को नए घर में स्नेह और सम्मान पाने का आशीर्वाद देती हैं।
भजन के बोल
तेरी पायल की मीठी आवाज बन्नी जरा धीरे चलो...........
तेरी पायल की मीठी आवाज बन्नी जरा धीरे चलो...........
सास ससुर से मिलकर रहना, सास ससुर से मिलकर रहना।
पाओगी मां जैसा प्यार बन्नी जरा धीरे चलो...........
तेरी पायल की मीठी आवाज बन्नी जरा धीरे चलो.........
जेठ जेठानी से मिलकर रहना , जेठ जेठानी से मिलकर रहना ।
पाओगी भाभी जैसा प्यार बन्नी जरा धीरे चलो। ...........
तेरी पायल की मीठी आवाज बन्नी जरा धीरे चलो...........
आस-पड़ोस से मिलकर रहना, आस-पड़ोस से मिलकर रहना।
पाओगी सखियों जैसा प्यार, बन्नी जरा धीरे चलो...........
तेरी पायल की मीठी आवाज बन्नी जरा धीरे चलो...........
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