"गीत की धुन को समझने के लिए, वीडियो जरूर देखें।"
Rehna Hoshiyar Banna Doli Se Me Jab Utrungi रहना होशियार बन्ना डोली से मैं जब उतरूंगी
बन्ना बन्नी गीत
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 23 दिसंबर 2023
गीत का अर्थ
यह एक चंचल और हास्यपूर्ण बन्नी गीत है, जिसमें नई दुल्हन (बन्नी) मज़ाकिया अंदाज़ में अपने दूल्हे (बन्ना) को "सावधान" रहने की चेतावनी देती है। वह कहती है कि डोली से उतरते ही वह घर के हर बड़े-बुज़ुर्ग — दादा की गाड़ी की चाबी से लेकर दादी के नखरों तक — सब कुछ अपने हाथ में ले लेगी।
यह गीत भारतीय विवाह की उस चुलबुली परंपरा को दर्शाता है जहाँ नई बहू अपने ससुराल में अपनी उपस्थिति को हास्य और आत्मविश्वास के साथ दर्ज कराती है।
यह गीत कब और क्यों गाया जाता है
यह गीत विवाह की रस्मों में, विशेषकर बारात के स्वागत, बन्नी की विदाई या गृह-प्रवेश की रस्म के समय ढोलक पर गाया जाता है, जब महिलाएँ हास्य-ठिठोली के साथ माहौल को खुशनुमा बनाती हैं।
संगीत और मेहंदी जैसी विवाह-पूर्व रस्मों में भी इसे मस्ती भरे अंदाज़ में गाया जाता है।
गीत के बोल
रहना होशियार बन्ना डोली से मैं जब उतरूंगी ...........
रहना होशियार बन्ना डोली से मैं जब उतरूंगी |
दादा की चाबी तो मैं गाड़ी में छीन लुंगी..... {2}
दादी के नखरो को 2 मिनट में सही करूंगी |
रहना होशियार बन्ना डोली से मैं जब उतरूंगी |
ताऊ की चाबी तो मैं गाड़ी में छीन लुंगी..... {2}
ताई के नखरो को 2 मिनट में सही करूंगी |
रहना होशियार बन्ना डोली से मैं जब उतरूंगी |
पापा की चाबी तो मैं गाड़ी में छीन लुंगी..... {2}
मम्मी के नखरो को 2 मिनट में सही करूंगी |
रहना होशियार बन्ना डोली से मैं जब उतरूंगी |
चाचा की चाबी तो मैं गाड़ी में छीन लुंगी..... {2}
चाची के नखरो को 2 मिनट में सही करूंगी |
रहना होशियार बन्ना डोली से मैं जब उतरूंगी |
भैया की चाबी तो मैं गाड़ी में छीन लुंगी..... {2}
भाभी के नखरो को 2 मिनट में सही करूंगी |
रहना होशियार बन्ना डोली से मैं जब उतरूंगी |
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