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होली खेलें पशुपति नाथ,Nagar Nepala Mein,Holi Khele Pashupatinath lyrics in hindi
कुमाऊँनी होली
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 12 फ़रवरी 2025
भजन का अर्थ
यह कुमाऊंनी होली बैठक गीत नेपाल के पशुपतिनाथ नगर में सभी देवताओं के एक साथ होली खेलने की कल्पना करता है - ब्रह्मलोक में ब्रह्मा-सरस्वती, वैकुंठ में विष्णु-लक्ष्मी, कैलाश में शिव-पार्वती और मथुरा में कृष्ण-राधा एक साथ होली खेलते हैं।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह गीत कुमाऊं की पारंपरिक बैठकी होली में गाया जाता है, जहाँ होली को सभी देवताओं के मिलन और सार्वभौमिक उत्सव के रूप में दर्शाया जाता है।
भजन के बोल
होली खेलें पशुपति नाथ, नगर नैपाला में ..........
होली खेलें पशुपति नाथ, नगर नैपाला में ..........
ब्रह्म लोक में ब्रह्मा जी खेलें, (2)
सरस्वती खेले साथ, नगर नैपाला में || होली खेलें...........
बैकुण्ठ में श्री विष्णु जी खेलें, (2)
लक्ष्मी खेले साथ, नगर नैपाला में || होली खेलें...........
कैलाश में शिवशंकर खेलें, (2)
पार्वती खेले साथ, नगर नैपाला में || होली खेलें...........
अयोध्या में श्री राम जी खेलें, (2)
सीता खेले साथ, नगर नैपाला में || होली खेलें...........
मथुरा में श्री कृष्ण जी खेलें, (2)
राधा खेले साथ, नगर नैपाला में || होली खेलें...........
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