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आ लौट के आजा हनुमान लिरिक्स || Aa Lot Ke Aaja Hanuman Bhajan Lyrics
हनुमान भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
भजन का अर्थ
यह भजन लक्ष्मण के लिए संजीवनी बूटी लाने गए हनुमान जी के विलंब पर श्रीराम की व्याकुलता और वियोग को दर्शाता है।
सारी रात बीत जाने पर भी हनुमान न आने से राम विलाप करते हैं, और अंततः हनुमान संजीवनी लेकर आते हैं तो लक्ष्मण के प्राण बचते हैं और राम उन्हें गले लगा लेते हैं।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन रामलीला के लक्ष्मण-शक्ति प्रसंग के मंचन और हनुमान जयंती पर गाया जाता है।
इससे जुड़ी मान्यता
यह प्रसंग रामायण के युद्धकांड से जुड़ा है, जब मेघनाद की शक्ति से मूर्छित लक्ष्मण के प्राण बचाने के लिए हनुमान जी संजीवनी बूटी न पहचान पाने पर पूरा द्रोणागिरि पर्वत ही उठा लाए थे।
यह भजन "आ लोट के आजा हनुमान", "अब लौट के आजा हनुमान" और "Aa Laut Ke Aaja Hanuman" नाम से भी खोजा जाता है।भजन के बोल
आ लौट के आजा हनुमान, तुम्हे श्री राम बुलाते है |
लक्ष्मण के बचा ले तू प्राण, तुम्हे श्री राम बुलाते है ||
आ लौट के आजा हनुमान .....
गए पवन सूत लाने संजीवन, अब तक क्यों नही आये |
सेनापति सुग्रीव पुकारे, नर बानर घबराये ||
सब लोग भये सुनसान, तुम्हे श्री राम बुलाते है |
आ लौट के आजा हनुमान, तुम्हे श्री राम बुलाते है || ---- (2)
कभी तडपते कभी बिलखते, जीभर के प्रभु रोते |
आये लखन तुम, अपनी माँ के हो इकलौते बेटे ||
यु रुदन करत है महान, तुम्हे श्री राम बुलाते है |
आ लौट के आजा हनुमान, तुम्हे श्री राम बुलाते है || ---- (2)
बीत गयी सब रैन, घडी रही ना एक पल भी बाकि |
देख देख के राह तुम्हारी, बैरन अंखिया तांकि ||
कहि उदय ना हो जाये घात, तुम्हे श्री राम बुलाते है |
आ लौट के आजा हनुमान, तुम्हे श्री राम बुलाते है || ---- (2)
रात समय हनुमान संजीवन, ले सेना में आये झूमर लाली |
धन्य बजरंगी लक्ष्मण प्राण बचाए ||
तब जाग उठे बलवान , तुम्हे श्री राम बुलाते है |
आ लौट के आजा हनुमान, तुम्हे श्री राम बुलाते है || ---- (2)
आ लौट के आजा हनुमान, तुम्हे श्री राम बुलाते है |
लक्ष्मण के बचा ले तू प्राण, तुम्हे श्री राम बुलाते है || ---- (2)
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