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आ लौट के आजा हनुमान || aa laut ke aaja hanuman bhajan lyrics
Hanuman Bhajan
भजन का अर्थ
यह भजन लक्ष्मण को संजीवनी बूटी लाने गए हनुमान जी के विलंब पर श्री राम की व्यथा को दर्शाता है। सारी रात बीत गई, भोर होने वाली है और हनुमान अभी तक नहीं आए — राम रो रहे हैं। अंत में हनुमान संजीवनी लेकर आते हैं, लक्ष्मण के प्राण बचते हैं और राम उन्हें गले लगा लेते हैं। यह भजन हनुमान की भक्ति और वीरता का भावुक चित्रण है।
भजन के बोल
आ लौट के आजा हनुमान, तुम्हे श्री राम बुलाते है |
लक्ष्मण के बचा ले तू प्राण, तुम्हे श्री राम बुलाते है ||
आ लौट के आजा हनुमान .....
गए पवन सूत लाने संजीवन, अब तक क्यों नही आये |
सेनापति सुग्रीव पुकारे, नर बानर घबराये ||
सब लोग भये सुनसान, तुम्हे श्री राम बुलाते है |
आ लौट के आजा हनुमान, तुम्हे श्री राम बुलाते है || ---- (2)
कभी तडपते कभी बिलखते, जीभर के प्रभु रोते |
आये लखन तुम, अपनी माँ के हो इकलौते बेटे ||
यु रुदन करत है महान, तुम्हे श्री राम बुलाते है |
आ लौट के आजा हनुमान, तुम्हे श्री राम बुलाते है || ---- (2)
बीत गयी सब रैन, घडी रही ना एक पल भी बाकि |
देख देख के राह तुम्हारी, बैरन अंखिया तांकि ||
कहि उदय ना हो जाये घात, तुम्हे श्री राम बुलाते है |
आ लौट के आजा हनुमान, तुम्हे श्री राम बुलाते है || ---- (2)
रात समय हनुमान संजीवन, ले सेना में आये झूमर लाली |
धन्य बजरंगी लक्ष्मण प्राण बचाए ||
तब जाग उठे बलवान , तुम्हे श्री राम बुलाते है |
आ लौट के आजा हनुमान, तुम्हे श्री राम बुलाते है || ---- (2)
आ लौट के आजा हनुमान, तुम्हे श्री राम बुलाते है |
लक्ष्मण के बचा ले तू प्राण, तुम्हे श्री राम बुलाते है || ---- (2)