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कलयुग मे सिद्ध हो देव तुम्ही || Hanuman Tumhara kya kehna Bhajan Lyrics
हनुमान भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 28 जून 2023
भजन का अर्थ
यह भजन हनुमान जी को कलयुग का सिद्ध और जाग्रत देव बताते हुए उनकी शक्ति और भक्ति का गुणगान करता है।
इसमें उनके प्रमुख पराक्रमों का स्मरण किया गया है — सात समुद्र पार कर सीता माता की खोज करना, लंका को भस्म करना, तथा लक्ष्मण के प्राण बचाने के लिए संजीवनी पर्वत लाना। अंत में कहा गया है कि हनुमान जी के रोम-रोम में सिया-राम बसते हैं, इसलिए वे भक्त-शिरोमणि और वीर-शिरोमणि दोनों हैं।
इस तरह भजन हनुमान जी को केवल त्रेतायुग का नहीं, बल्कि आज भी तुरंत फल देने वाला देवता बताता है।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को गाया जाता है, क्योंकि ये दोनों दिन हनुमान जी की पूजा के लिए समर्पित माने जाते हैं।
इसे हनुमान मंदिरों की आरती, सुंदरकांड पाठ और हनुमान जयंती के भक्ति कार्यक्रमों में श्रद्धा और उत्साह के साथ गाया जाता है, ताकि भय, तनाव दूर हों और साहस व सकारात्मकता बढ़े।
भजन के बोल
कलयुग मे सिद्ध हो देव तुम्ही
हनुमान तुम्हारा क्या कहना ।
तेरी शक्ति का क्या कहना,
तेरी भक्ति का क्या कहना ||
सीता की खोज करी तुमने,
तुम सात समुन्दर पार गये।
लंका को -किया शमशान प्रभु,
बलवान तुम्हारा क्या कहना।
तेरी शक्ति का क्या कहना,
तेरी भक्ति का क्या कहना
जब लखन लाल को शक्ति लगी
तुम घोलगिर पर्वत लाये,
लक्ष्मण के बचाये आ कर के
तब प्राण तुम्हारा क्या कहना,
तेरी शक्ति का क्या कहना,
तेरी भक्ति का क्या कहना
तुम भक्त शिरोमनी हो जग मे,
तुम वीर शिरोमनी हो जग मे,
तेरे रोम रोम मे बसते हैं,
सिया राम तुम्हारा क्या कहना,
कलयुग मे सिद्ध हो देव तुम्ही
हनुमान तुम्हारा क्या कहना । --- (2)
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