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मैया मेरा कर दो बेड़ा पार || Maiya Mera Kar Do Beda Paar Parvat Pe Rehne Wali Bhajan Lyrics
माता भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 13 अप्रैल 2024
भजन का अर्थ
यह भजन पर्वत पर निवास करने वाली और शेर की सवारी करने वाली माँ से भक्त के जीवन का बेड़ा पार लगाने की प्रार्थना है।
माँ के द्वार पर आने वाला हर भक्त मनचाहा फल पाता है और पर्वत पर भक्तों के साथ-साथ ऋषि-मुनि भी दर्शन को आते हैं, यही भाव भजन में बार-बार दोहराया गया है।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन नवरात्रि तथा वैष्णो देवी जैसी पर्वतीय शक्तिपीठों की यात्रा के समय गाया जाता है, जब भक्त माँ से अपने कष्ट दूर करने की विनती करते हैं।
भजन के बोल
मैया कर दो बेड़ा पार पार पर्वत पे रहने वाली,
पर्वत पर रहने वाली मंदिरों में रहने वाली,
मैया कर दो बेड़ा पार पर्वत पे रहने वाली.....
तेरी शेर की सवारी लगती है सबको प्यारी,
मैया तेरी चुनरी का रंग लाल पर्वत पे रहने वाली,
पर्वत पे रहने वाली शेरों पे चढ़ने वाली,
मेरा कर दे बेड़ा पार पर्वत पे रहने वाली.....
तेरे द्वारे पर जो भी आए वह मन मांगा फल पाए,
मैया मेरा कब होगा उद्धार पर्वत पर रहने वाले,
पर्वत पे रहने वाली शेरों पे चढ़ने वाली,
मेरा कर दे बेड़ा पार पर्वत पे रहने वाली.....
पर्वत पर डेरा डेरा लगता भक्तों का मेला,
ऋषि मुनि आते तेरे द्वार पर्वत पर रहने वाली,
पर्वत पे रहने वाली शेरों पे चढ़ने वाली,
मेरा कर दे बेड़ा पार पर्वत पे रहने वाली.....
तेरे माथे पर बिंदिया सोहे कानों में कुंडल सोहे,
मैया सारी दुनिया की आधार पर्वत के रहने वाली,
पर्वत पे रहने वाली शेरों पे चढ़ने वाली,
मेरा कर दे बेड़ा पार पर्वत पे रहने वाली.....
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