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गंगा का किनारा हो,माँ तेरे पर्वत का नजारा हो |Navratri Matarani ke Bhajan lyrics
Mata Bhajan
भजन का अर्थ
यह भजन माता रानी के प्रति गहरी श्रद्धा, प्रेम और समर्पण को दर्शाता है। इसमें भक्त अपनी इच्छा व्यक्त करता है कि उसे गंगा किनारे और माता के पावन पर्वत का दिव्य दर्शन मिले। वह हर दिन माता के मंदिर जाकर उनके चरणों में शीश झुकाना, दीप जलाना, फूल और चोला अर्पित करना चाहता है।
भक्त के मन में माता के प्रति अटूट विश्वास है कि उनके चरणों का सहारा ही जीवन का सबसे बड़ा आधार है। यह भजन भक्ति, शांति और आध्यात्मिक जुड़ाव का सुंदर चित्र प्रस्तुत करता है, जहाँ भक्त हर दिन माता के चरणों में रहकर अपने जीवन को सफल बनाना चाहता है। 🌸🙏Sherowali mata ke Bhajan Geet Navratri Special
भजन के बोल
गंगा का किनारा हो,माँ तेरे पर्वत का नजारा हो......
रोज रोज मैया तेरे मंदिर में आऊँ
मंदिर में आऊँ तेरे चरण घुलाऊँ
चरणो का सहारा हो माँ, तेरे पर्वत का ......
रोज रोज मैया तेरे मंदिर में आऊँ
मंदिर में आऊँ मैया दीपक जलाऊँ
ज्योती का सहारा हो माँ, तेरे पर्वत का......
रोज रोज मैया तेरे मंदिर में आऊँ
मंदिर में आऊँ मैया हार चढ़ाऊ
फूलो का नजारा हो, तेरे पर्वत का......
रोज रोज मैया तेरे मंदिर में आऊँ
मंदिर में आऊँ मैया चोला चढ़ाऊ
चुनरी का सहारा , तेरे पर्वत का......
रोज रोज मैया तेरे मंदिर में आऊँ
मंदिर में आऊँ मैया ,कीर्तन कराऊ
भक्तो का नजारा हो, तेरे पर्वता नजारा.......