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कितनी सुन्दर है माँ तेरी नगरी, भोले पैदल चले आ रहे है || Kitni Sunder Hai Maa Teri Nagari Bhajan Lyrics
Mata Bhajan
भजन का अर्थ
इस भजन में कहा गया है कि माँ की नगरी कितनी सुंदर है और भोले बाबा पैदल चले आ रहे हैं। जटा में गंगा, माथे पर चंदा, कानों में बिच्छू, गले में नाग, हाथ में डमरू और बाघम्बर पहने भोले की शोभा अद्भुत है। पैरों में घुंघरू बजाते, गौर मैया के संग जोड़ी बनाकर और नंदी के साथ वे माँ के दरबार की ओर आ रहे हैं। यह भजन शिव के सम्पूर्ण स्वरूप का काव्यमय चित्रण है।
भजन के बोल
कितनी सुन्दर है माँ तेरी नगरी,
भोले पैदल चले आ रहे है……
उनकी जटा में गंगा विराजे,
वो बहाते चले आ रहे है,
उनके माथे पे चंदा विराजे,
वो चमकाते चले आ रहे है,
कितनी सुन्दर है माँ तेरी नगरी,
भोले पैदल चले आ रहे है….
उनके कानो में बिच्छु विराजे,
वो लटकाते चले आ रहे है,
उनके गले में नाग विराजे,
वो लहराते चले आ रहे है,
कितनी सुन्दर है माँ तेरी नगरी,
भोले पैदल चले आ रहे है…
उनके हाथो में डमरू विराजे ,
वो बजाते चले आ रहे है,
उनके अंगो में बाघम्बर छाला,
वो पहन कर चले आ रहे है,
कितनी सुन्दर है माँ तेरी नगरी,
भोले पैदल चले आ रहे है….
उनके पैरो में घुघरू विराजे,
वो बजाते चले आ रहे है,
उनके संग में गौर मैया सोहे,
जोड़ी बना कर चले आ रहे है,
कितनी सुन्दर है माँ तेरी नगरी,
भोले पैदल चले आ रहे है…..
उनके चरणों में नंदी विराजे,
वो घुमाते चले आ रहे है,
कितनी सुन्दर है माँ तेरी नगरी,
भोले पैदल चले आ रहे है……
कितनी सुन्दर है माँ तेरी नगरी,
भोले पैदल चले आ रहे है……