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कान्हा की सुनके मै आयी, यशोदा मैया देदो बधाई || Krishna janam sun aayi yashoda maiya dede badhai Lyrics
कृष्ण भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 6 सितंबर 2023
भजन का अर्थ
यह भजन कृष्ण जन्म की खुशखबरी सुनकर यशोदा मैया से बधाई माँगने का उत्सवपूर्ण दृश्य दर्शाता है। भक्त कहता है कि कान्हा के जन्म की सूचना सुनते ही वह दौड़ा चला आया है, यशोदा मैया अब बधाई दें।
यह सरल भजन जन्माष्टमी की उमंग, हर्ष और गोकुलवासियों के उल्लास को शब्दों में पिरोता है।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन जन्माष्टमी की रात, विशेषकर आधी रात को जब कृष्ण जन्म का उत्सव मनाया जाता है, गाया जाता है।
मंदिरों और घरों में झूला-झांकी सजाकर होने वाले जन्माष्टमी उत्सव में भी इसे भक्त बड़े हर्ष के साथ गाते हैं।
इससे जुड़ी मान्यता
पौराणिक कथा के अनुसार मथुरा के अत्याचारी राजा कंस को आकाशवाणी से पता चला था कि देवकी की आठवीं संतान उसका वध करेगी। इस भय से उसने देवकी-वासुदेव को कारागार में डाल दिया और उनकी सात संतानों को एक-एक कर मार डाला।
भाद्रपद कृष्ण अष्टमी की आधी रात को जब कृष्ण का जन्म कारागार में हुआ, तो द्वार स्वयं खुल गए, पहरेदार सो गए और वासुदेव कृष्ण को यमुना पार गोकुल ले गए, जहाँ यशोदा मैया की गोद में वे नंद के पुत्र के रूप में पले-बढ़े। इसी घटना की स्मृति में जन्माष्टमी मनाई जाती है।
भजन के बोल
लल्ला की सुन के मै आयी,
यशोदा मैया देदो बधाई,
कान्हा की सुनके मै आयी,
यशोदा मैया देदो बधाई,
लाला जनम सुन आयी,
यशोदा मैया देदो बधाई ।
देदो बधाई मैया देदो बधाई,
लल्ला की सुन के मै आयी,
यशोदा मैया देदो बधाई ।
टीका भी लूँगी मैया,
बिंदियां भी लूँगी,
रेशम की लूँगी रजाई,
यशोदा मैया देदो बधाई ।
साड़ी भी लूँगी मैया,
लहँगा भी लूँगी,
धोती भी लूँगी मैया,
कुर्ता भी लूँगी,
पगडि की होगी चढ़ाई,
यशोदा मैया देदो बधाई ।
हरवा भी लूँगी मैया,
चुड़ि भी लूँगी,
कंगना पे होगी चढ़ाई,
यशोदा मैया देदो बधाई।
लल्ला की सुन के मै आयी,
यशोदा मैया देदो बधाई,
कान्हा की सुनके मै आयी,
यशोदा मैया देदो बधाई,
लाला जनम सुन आयी,
यशोदा मैया देदो बधाई ।
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