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तुम सजती रहो हम सजाते रहे माँ सजाने में आनंद आता है Tum Sajti Raho Hum Sajate Rahe Lyrics
माता भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 15 अक्टूबर 2023
भजन का अर्थ
यह भजन माँ और भक्त के बीच के अटूट रिश्ते को सुंदर उपमाओं से दर्शाता है। भक्त कहता है कि माँ चंदन बनें तो वह पानी बनकर उनमें घुल जाएगा, माँ दीपक बनें तो वह बाती बनकर उनकी लौ जलाएगा।
इस तरह भजन यह भाव व्यक्त करता है कि भक्त का सुख माँ की सेवा और श्रृंगार में ही है — माँ का सजना और भक्त का सजाना, दोनों एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन नवरात्रि और देवी पूजन में गाया जाता है, विशेषकर माँ के श्रृंगार और आरती के समय जब भक्त अपनी सेवा-भावना व्यक्त करते हैं।
घरेलू माता पूजा और भजन-मंडली के आयोजनों में भी इसे भावपूर्ण ढंग से गाया जाता है।
भजन के बोल
तुम सजती रहो हम सजाते रहे
माँ सजाने में आनंद आता है
तुम चंदन बनो हम पानी बने
घुल जाने में आनंद आता है
तुम सजती रहो हम सजाते रहे
माँ सजाने में आनंद आता है
तुम दीपक बनो हम बाती बने
लौ लगाने में आनंद आता है
तुम सजती रहो हम सजाते रहे
माँ सजाने में आनंद आता है
तुम सागर बनो हम लहरे बने
डूब जाने में आनद आता है
तुम सजती रहो हम सजाते रहे
माँ सजाने में आनंद आता है
तुम मिश्री बनो हम माखन बने
मिल जाने में आनंद आता है
तुम सजती रहो हम सजाते रहे
माँ सजाने में आनंद आता है
तुम चंदा बनो हम चकोरी बने
दिल लगाने में आनंद आता है
तुम सजती रहो हम सजाते रहे
माँ सजाने में आनंद आता है
तुम सुनती रहो हम सुनाते रहे
मैया गाने में आनंद आता है
तुम सजती रहो हम सजाते रहे
माँ सजाने में आनंद आता है
दिल दबाकर अपना समर्थन दिखाइए



