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सावन की बरसे बदरिया भोले की नगरिया | Sawan Ki Barse Badariya Shivratri Bhajan
शिव भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
भजन का अर्थ
भजन का असल सार यह है कि जब सावन के महीने में आसमान से ठंडी-ठंडी बारिश की बूंदें बरसती हैं, तो भोले बाबा का पूरा धाम एक अलग ही दिव्य आनंद में डूब जाता है। ऐसा महसूस होता है मानो खुद कुदरत आसमान से बादल रूपी कलश लेकर महादेव का 'Jalabhishek' कर रही हो। । यह भजन प्रकृति की खूबसूरती और शिव भक्ति के उस अटूट कनेक्शन (Deep Connection) को दिखाता है, जहाँ हर तरफ सिर्फ और सिर्फ भोलेनाथ का ही निश्छल प्रेम और आशीर्वाद बरसता हुआ महसूस होता है।
भजन के बोल
सावन की बरसे बदरिया भोले की नगरिया.......
सावन की बरसे बदरिया भोले की नगरिया ।
रिमझिम रिमझिम मेधा बरसे,
चमके गगन में बिजुरिया, भोले की नगरिया.....
सावन की बरसे बदरिया भोले की नगरिया.......
माथे पे चंदा चम-चम चमके,
गंगा ने मारी लहरिया,भोले की नगरिया...
सावन की बरसे बदरिया भोले की नगरिया.......
हाथो में डमरू डम डम बाजे,
लागे ना बाबा को नजरिया,भोले की नगरिया...
सावन की बरसे बदरिया भोले की नगरिया.......
पाओ में घुंघरू छम छम छमके ,
नाचे है भोले भण्डरीया,भोले की नगरिया...
सावन की बरसे बदरिया भोले की नगरिया.......
देव ऋषि सब जय-जय बोले,
जय हो गौरा के सवरिया,भोले की नगरिया...
सावन की बरसे बदरिया भोले की नगरिया.......
भवत पुकारे बम-बम बोले,
भीड है बाबा की दुवरिया,भोले की नगरिया...
सावन की बरसे बदरिया भोले की नगरिया.......
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