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गौरा ढूंढ रही किसी ने मेरा भोला देखा / Gaura Dhund Rahi Kisine Mera Bhola Dekha
शिव भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
भजन का अर्थ
"Gaura Dhoondh Rahi" भजन माता पार्वती की व्याकुलता के माध्यम से आत्मा की परमात्मा से मिलन की तड़प को दर्शाता है, जो यह संदेश देता है कि भोलानाथ सच्चे प्रेम से हर कण में मिलते हैं [1]. यह आध्यात्मिक खोज, समर्पण और निश्छल प्रेम का प्रतीक है, जहाँ गौराजी के माध्यम से भक्त को ईश्वर को पाने की तड़प सिखाई गई है
भजन के बोल
गौरा ढूंढ रही किसी ने मेरा भोला देखा,
किसी ने मेरा भोला देखा, किसी ने मेरा भोला देखा…….
गौरा तेरे भोले को काशी में देखा
काशी में देखा, काशी में देखा,
भांग चबाते हुए,
ओ गौरा तेरे भोला को देखा,
गौरा ढूँढ रहीं किसी ने मेरा भोला देखा…….
गौरा तेरे भोले को हरिद्वार में देखा,
हरिद्वार में देखा, हरिद्वार में देखा,
गंगा बहाते हुए,
ओ गौरा तेरे भोला को देखा,
गौरा ढूँढ रहीं किसी ने मेरा भोला देखा………
गौरा तेरे भोले को प्रयाग में देखा,
प्रयाग में देखा, प्रयाग में देखा,
डमरू बजाते हुए,
ओ गौरा तेरे भोला को देखा,
गौरा ढूँढ रहीं किसी ने मेरा भोला देखा…….
गौरा तेरे भोले को कैलाश में देखा,
कैलाश में देखा, कैलाश में देखा,
समाधी में लीन हुए,
ओ गौरा तेरे भोला को देखा,
दिल दबाकर अपना समर्थन दिखाइए







