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भोले तुमसे मिलने का सावन ही बहाना है |Bhole Tumse Milne Ka Sawan Hi Bahana H
शिव भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
भजन का अर्थ
"भोले तुमसे मिलने का सावन ही बहाना है" भजन का मुख्य अर्थ यह है कि सावन का पवित्र महीना तो सिर्फ एक जरिया (बहाना) है, असल में भक्त का दिल हर पल अपने महादेव से मिलने और उनके रंग में रंगने के लिए तड़प रहा है।भक्त भोलेनाथ से कहता है कि हे प्रभु! सावन का महीना तो बस दुनिया को दिखाने के लिए एक सुंदर बहाना है। असली मकसद तो आपके पास आना, आपको देखना और आपसे दिल की बात कहना है।यह भजन एक भक्त के निस्वार्थ प्रेम को दिखाता है, जहाँ भक्त सांसारिक चीजें नहीं बल्कि सिर्फ और सिर्फ अपने आराध्य का साथ मांगता है।
भजन के बोल
भोले तुमसे मिलने का सावन ही बहाना है.......
भोले तुमसे मिलने का सावन ही बहाना है।
हरिद्वार में ढूंढा तुम्हें, काशी में पाया है।
हिमाचल के पर्वत पे, मेरे भोले का ठिकाना है।
भोले तुमसे मिलने का सावन ही बहाना है.......
फूलों में ढूंढा तुम्हें, गलियों में पाया है।
हरे बेल पत्रों में, मेरे भोले का ठिकाना है।
भोले तुमसे मिलने का सावन ही बहाना है.......
सूरज में ढूंढा तुम्हे, चंदा में पाया है।
तारो की चमचम में, मेरे भोले का ठिकाना है।
भोले तुमसे मिलने का सावन ही बहाना है.......
जंगल में दंदा तुम्हें, पेडों में पाया है।
हरी - हरी भंगिया में, मेरे भोले का ठिकाना है।
भोले तुमसे मिलने का सावन ही बहाना है.......
जमुना में ढूँढा तुम्हे, गंगा में पाया है।
सागर की लहरों में, मेरे भोले का ठिकाना है।
भोले तुमसे मिलने का सावन ही बहाना है.......
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