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सब देवों ने फूल बरसाए, महाराज गजानन आए | Sab Devo Ne Phool Barsaye Lyrics
गणेश भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
भजन का अर्थ
यह भजन गणपति जी के आगमन पर सभी देवताओं द्वारा फूल बरसाए जाने के उत्सवी दृश्य से शुरू होता है। भजन में प्रश्नोत्तर की शैली में पूछा गया है कि गजानन की माता कौन हैं और वे किसके पुत्र कहलाते हैं — उत्तर में बताया गया है कि पार्वती मैया उनकी माता और शिव शंकर उनके पिता हैं।
इसी शैली में आगे उनकी पूजा-विधि और भोग के बारे में भी पूछा-बताया जाता है, जिससे यह भजन गणेश जी के परिचय और महिमा को सरल संवाद के रूप में प्रस्तुत करता है।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन गणेश चतुर्थी और गणपति स्थापना के अवसर पर गाया जाता है, विशेषकर मूर्ति-आगमन और स्वागत के समय।
बुधवार की गणेश पूजा और सामूहिक गणेश भजन-कीर्तन में भी इसे भक्त उत्साहपूर्वक गाते हैं।
भजन के बोल
सब देवो ने फूल बरसाये
महाराज गजानन आए.....
देव कौन तुम्हारी माता है,
और किसके लाल कहाये , महाराज गजानन आए.....
है पार्वती मैया तुम्हारी,
शिव शंकर के लाल कहाये, महाराज गजानन आए.....
प्रभु क्या है तुम्हारी पूजा,
और काहे के भोग लगायें, महाराज गजानन आए.....
प्रथम है पूजा हमारी और,
लड्डूवन के भोग लगायें, महाराज गजानन आए.....
प्रभु क्या है तुम्हारी सवारी,
और किसके फेरे लगायें,महाराज गजानन आए.....
मुश्क हमारी सवारी है,
पिता माता के फेरे लगायें,महाराज गजानन आए.....
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