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मेरे दस दिन के मेहमान गजानन बैठे रहियो भजन लिरिक्स || Mere das din ke mahmaan gajanan baithe rahiyo
Ganesh Bhajan
भजन का अर्थ
गणेश चतुर्थी पर भक्त दस दिन के मेहमान गजानन से बैठे रहने की विनती करता है। भूख लगे तो मोदक खिलाएगा, प्यास लगे तो जल पिलाएगा, मन न लगे तो कीर्तन कराएगा, नींद आए तो फूलों की सेज बिछाएगा और गर्मी लगे तो पंखा-कूलर लगाएगा। यह भजन भक्त की गणपति के प्रति असीम आतिथ्य-भावना और उनके दस दिन साथ रहने की प्रेमपूर्ण प्रार्थना है।
भजन के बोल
मेरे दस दिन के मेहमान गजानन बैठे रहियो।
भूख लगेगी तो हमसे कहना हमसे कहना हां हमसे कहना,
मैं मोदक भोग लगाऊं गजानन बैठे रहियो,
मेरे दस दिन के मेहमान गजानन बैठे रहियो।
प्यास लगेगी तो हमसे कहना हमसे कहना हां हमसे कहना,
मैं झारी भर नीर पिलाऊं गजानन बैठी रहियो,
मेरे दस दिन के मेहमान गजानन बैठे रहियो।
मन ना लगे तो हमसे कहना हमसे कहना हां हमसे कहना,
मैं कीर्तन भजन कराऊं गजानन बैठी रहियो,
मेरे दस दिन के मेहमान गजानन बैठी रहियो।
नींद जो आए तो हमसे कहना हमसे कहना हां हमसे कहना,
मैं फूलों की सेज बिछाऊं गजानन बैठी रहियो,
मेरे दस दिन के मेहमान गजानन बैठी रहियो।
गर्मी लगेगी तो हमसे कहना हमसे कहना हां हम से कहना,
मैं पंखा कूलर लगाऊं गजानन बैठे रहियो,
मेरे दस दिन के मेहमान गजानन बैठे रहियो।
मेरे दस दिन के मेहमान गजानन बैठे रहियो।