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हरी हरी दूब चढ़ाऊँ कैसे , मेरा रूठा गजानन मनाऊं कैसे | Hari Hari Duba Chadau Kaise lyrics Ganesh Bhajan Lyrics
Ganesh Bhajan
भजन का अर्थ
इस भजन में भक्त विनम्रतापूर्वक पूछता है कि रूठे गजानन को हरी दूब कैसे चढ़ाएँ। गजानन का शीश बड़ा है तो मुकुट कैसे पहनाएँ, गला बड़ा है तो हार कैसे पहनाएँ, हाथ बड़े हैं तो कंगन और पायल कैसे पहनाएँ। उदर बड़ा है तो लड्डू कैसे खिलाएँ। यह भजन गणपति के विराट स्वरूप के प्रति भक्त की प्रेमपूर्ण विनम्रता और मनुहार को व्यक्त करता है।
भजन के बोल
हरी हरी दूब चढ़ाऊँ कैसे , मेरा रूठा गजानन मनाऊं कैसे ||
हरी हरी दूब चढ़ाऊँ कैसे , मेरा रूठा गजानन मनाऊं कैसे ||
शीश तुम्हारा बड़ा है गजानन,
बडे बडे मुकुट पहनाऊँ कैसे , मेरा रूठा गजानन मनाऊं कैसे ||
गला तुम्हारा बड़ा है गजानन,
बडे बडे हार पहनाऊँ कैसे, मेरा रूठा गजानन मनाऊं कैसे ||
हाथ तुम्हारे बड़े है गजानन,
बडे बडे कंगन पहनाऊँ कैसे, मेरा रूठा गजानन मनाऊं कैसे ||
पैर तुम्हारे बड़े है गजानन,
बड़ी-बडी पायल पहनाऊँ कैसे,मेरा रूठा गजानन मनाऊं कैसे ||
उदर तुम्हारा बड़ा है गजानन,
सेवा में लड्डु खिलाऊँ कैसे, मेरा रूठा गजानन मनाऊं कैसे ||