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झोलियां फैला लो, माता शेरावाली आई है || Jholiya Phaila Lo Mata SheraWali Aayi Hai Navratri Bhajan Lyrics
माता भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 13 अप्रैल 2024
भजन का अर्थ
इस भजन में माँ शेरावाली के धरती पर आगमन की खुशी में झोली फैलाकर आशीर्वाद माँगने का आह्वान है।
भजन बताता है कि माँ कभी कन्या रूप में, कभी बुढ़िया रूप में तो कभी ग्वालिन रूप में आती हैं, पर कोई उन्हें पहचान नहीं पाता - यह माँ की माया और उनके अनंत रूपों को दर्शाता है।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन नवरात्रि के दौरान माता के जागरण और भक्ति कार्यक्रमों में गाया जाता है, जब भक्त माँ की माया और उनके अनेक रूपों का स्मरण करते हैं।
भजन के बोल
झोलियां फैला लो, माता शेरावाली आई है,
शेरावाली आई है, पहाड़ों वाली आई है.......
माता को कोई जान ना पाया, कन्या रूप बनाया है.,
कन्या रूप बनाया माँ ने , कन्या रूप बनाया है....
चुनर उड़ा दो, माता शेरावाली आई है.........(2)
शेरावाली आई है, पहाड़ों वाली आई है.......
झोलियां फैला लो, माता शेरावाली आई है,
माता को कोई जान ना पाया, बुढ़िया रूप बनाया है,
बुढ़िया रूप बनाया माँ ने , बुढ़िया रूप बनाया है|
बिंदिया लगादो माता शेरावाली आई है......(2)
शेरावाली आई है, पहाड़ों वाली आई है.......
झोलियां फैला लो, माता शेरावाली आई है |
माता को कोई जान ना पाया, ग्वालिन रूप बनाया है,
ग्वालिन रूप बनाया माँ ने , ग्वालिन रूप बनाया है,
हलवा खिला दो माता शेरावाली आई है.......(2)
शेरावाली आई है, पहाड़ों वाली आई है.......
झोलियां फैला लो, माता शेरावाली आई है |
माता को कोई जान ना पाया, अद्भुत रूप बनाया है,
अद्भुत रूप बनाया माँ ने , अद्भुत रूप बनाया है
रज रज दर्शन कर लो, शेरावाली आई है....(2)
शेरावाली आई है, पहाड़ों वाली आई है.......
झोलियां फैला लो, माता शेरावाली आई है |
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