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Jab Maine Bhajan Lagaya Maiya Chham Chham Nache जब मैंने भजन लगाया मां छम छम नाचे।
माता भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 2 अक्टूबर 2023
भजन का अर्थ
यह भजन माँ की आराधना करते समय भक्त के मन में उठने वाले भक्ति-आनंद को दर्शाता है, जिसमें वह कहता है कि जब भी भजन लगाया जाता है, माँ स्वयं छम-छम नाचने लगती हैं।
भजन में गंगाजल से माँ के चरण धुलाने और दीपों से थाल सजाकर आरती करने का वर्णन है — यह माँ की सेवा-पूजा में भक्त की तल्लीनता और उससे मिलने वाले आत्मिक आनंद को व्यक्त करता है।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन नवरात्रि, देवी जागरण और घरेलू माता पूजा में गाया जाता है, विशेषकर आरती और भजन-कीर्तन के समय जब भक्त माँ की सेवा में लीन होते हैं।
देवी मंदिरों में सामूहिक भजन-संध्या में भी इसे भाव-विभोर होकर गाया जाता है।
भजन के बोल
जब मैंने भजन लगाया मां छम छम नाचे। 🌺🌺🌺
छम छम नाचे मां छम छम नाचे।
जब मैंने भजन लगाया मां छम छम नाचे।
मेरे हाथ में लोटा गंगाजल पानी । 🌺🌺🌺
जब मैंने चरण धूलाए मां छम छम नाचे।
जब मैंने भजन लगाया मां छम छम नाचे।
जगमग दीपो से थाल सजाई। 🌺🌺🌺
जब मैंने जोत जगाई,मां छम छम नाचे।
जब मैंने भजन लगाया मां छम छम नाचे।
थाल में चंदन कुमकुम और रोली।🌺🌺🌺
जब मैंने तिलक लगाया,मां छम छम नाचे।
जब मैंने भजन लगाया मां छम छम नाचे।
चुन चुन कलिया फूल मैं लायी।🌺🌺🌺
जब मैंने हार पेहनाया,मां छम छम नाचे।
जब मैंने भजन लगाया मां छम छम नाचे।
चाँद सितारों की चुनरी बनाई |🌺🌺🌺
जन मैने चुनरी ओढ़ाई,मां छम छम नाचे।
जब मैंने भजन लगाया मां छम छम नाचे।
मेवा मिठाई से थाल सजाई |🌺🌺🌺
जब मैंने भोग लगाया,मां छम छम नाचे।
जब मैंने भजन लगाया मां छम छम नाचे।
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