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छठ पूजा | हो दीनानाथ || Ho Deenanath Lyrics
छठ पूजा
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 22 अक्टूबर 2025
भजन का अर्थ
यह मैथिली शैली का छठ गीत सूर्य देव की स्तुति करता है, जिसमें रास्ते में मिले अंधे और निःसंतान स्त्री की पुकार सुनकर सूर्य देव उनकी पीड़ा दूर करते हैं।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह गीत छठ पूजा में भोर के अर्घ्य के समय, विशेषकर मिथिला क्षेत्र में गाया जाता है।
भजन के बोल
सोना सट कुनिया, हो दीनानाथ
हे घूमइछा संसार --- (2)
ॐ
आन दिन उगइ छा हो दीनानाथ
आहे भोर भिनसार --- (2)
ॐ
आजू के दिनवा हो दीनानाथ
हे लागल एती बेर --- (2)
ॐ
बाट में भेटिए गेल गे अबला
एकटा अन्हरा पुरुष --- (2)
ॐ
अंखिया दियेते गे अबला
हे लागल एती बेर --- (2)
ॐ
बाट में भेटिए गेल गे अबला
एकटा बाझिनिया --- (2)
ॐ
बालक दियेते गे अबला
हे लागल एती बेर --- (2)
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