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छठ पूजा | मारबो रे सुगवा धनुख से || Marbo Re Sugwa Dhanukh Se | Chhath Puja Song
chhath puja
भजन का अर्थ
इस प्रसिद्ध छठ गीत में केले के पेड़ पर बैठे तोते को धनुष से मारने की बात कही गई है क्योंकि वह फलों को नुकसान पहुँचा रहा है। तोते की मृत्यु पर उसकी संगिनी विरह में रो रही है और सूर्य देव से सहायता माँग रही है। यह भजन प्रकृति के माध्यम से भक्ति और समर्पण का संदेश देता है। छठ पूजा में यह गीत विशेष रूप से गाया जाता है।
भजन के बोल
ऊ जे केरवा जे फरेला घबद से, ओह पर सुगा मेड़राए |
मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरछाय |
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय ||
ऊ जे नारियर जे फरेला घबद से, ओह पर सुगा मेड़राए |
मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरछाय |
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय ||
अमरुदवा जे फरेला घबद से, ओह पर सुगा मेड़राए |
मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरछाय |
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय ||
शरीफवा जे फरेला घबद से, ओह पर सुगा मेड़राए |
मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरछाय |
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय ||
ऊ जे सेववा जे फरेला घबद से, ओह पर सुगा मेड़राए |
मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरछाय |
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय ||
सभे फलवा जे फरेला घबद से, ओह पर सुगा मेड़राए |
मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए |
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय ||