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छठ पूजा | पहिले पहिल हम कईनी | छठी मईया व्रत तोहार Pahile Pahil Chhathi Maiya
chhath puja
भजन का अर्थ
यह भजन छठ पूजा के पहले व्रत की भावना को दर्शाता है। भक्त छठी मैया से अपनी भूल-चूक के लिए क्षमा माँगते हैं और संतान, सुख तथा पारिवारिक समृद्धि का आशीर्वाद माँगते हैं। नदी किनारे नारियल, केले और अन्य फल चढ़ाकर अर्घ्य दिया जाता है। यह व्रत श्रद्धा और भक्ति का सबसे पवित्र उदाहरण माना जाता है।
भजन के बोल
पहिले पहिल हम कईनी, छठी मईया व्रत तोहार |
करिहा क्षमा छठी मईया, भूल-चूक गलती हमार ||
ॐ
सब के बलकवा के दिहा, छठी मईया ममता-दुलार |
पिया के सनईहा बनईहा, मईया दिहा सुख-सार ||
ॐ
नारियल-केरवा घोउदवा, साजल नदिया किनार |
सुनिहा अरज छठी मईया, बढ़े कुल-परिवार ||
ॐ
घाट सजेवली मनोहर, मईया तोरा भगती अपार |
लिहिएं अरग हे मईया, दिहीं आशीष हजार ||
ॐ
पहिले पहिल हम कईनी, छठी मईया व्रत तोहर |
करिहा क्षमा छठी मईया, भूल-चूक गलती हमार ||