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छठ पूजा | पहिले पहिल हम कईनी | छठी मईया व्रत तोहार Pahile Pahil Chhathi Maiya
छठ पूजा
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 26 अक्टूबर 2025
भजन का अर्थ
यह भजन छठी मैया से पहली बार व्रत करते समय भूल-चूक के लिए क्षमा माँगने और संतान, सुख व पारिवारिक समृद्धि का आशीर्वाद माँगने की भावना व्यक्त करता है।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह गीत छठ पूजा के व्रत आरंभ के समय, विशेषकर पहली बार व्रत करने वाली महिलाओं द्वारा गाया जाता है।
भजन के बोल
पहिले पहिल हम कईनी, छठी मईया व्रत तोहार |
करिहा क्षमा छठी मईया, भूल-चूक गलती हमार ||
सब के बलकवा के दिहा, छठी मईया ममता-दुलार |
पिया के सनईहा बनईहा, मईया दिहा सुख-सार ||
नारियल-केरवा घोउदवा, साजल नदिया किनार |
सुनिहा अरज छठी मईया, बढ़े कुल-परिवार ||
घाट सजेवली मनोहर, मईया तोरा भगती अपार |
लिहिएं अरग हे मईया, दिहीं आशीष हजार ||
पहिले पहिल हम कईनी, छठी मईया व्रत तोहर |
करिहा क्षमा छठी मईया, भूल-चूक गलती हमार ||
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