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छठ पूजा | कोपी कोपी बोलेली छठिया मइया || kopi kopi boleli chhathi maiya lyrics
chhath puja
भजन का अर्थ
इस भजन में छठी मैया नाराज होकर भक्तों को घाट की सफाई न होने का उलाहना देती हैं। भक्त वादा करते हैं कि वे घाट साफ करेंगे, गोबर लीपेंगे और चंदन छिड़केंगे। यह भजन भक्त और देवी के बीच के प्रेमपूर्ण संवाद को दर्शाता है। छठ पूजा में घाट की पवित्रता का विशेष महत्व है।
भजन के बोल
कोपी कोपी बोलेली छठिया मइया
सुनिए सेवक लोग --- (2)
मोरा घाटे धुधिया उपज गई ले
मकरी बसेरा लिहले --- (2)
कोपी कोपी बोलेली छठिया मइया
सुनिए सेवक लोग --- (2)
मोरा घाटे धुधिया उपज गई ले
मकरी बसेरा लिहले --- (2)
ए हाथ जोड़ी कहेली पंकज सेवक
सुनिए छठिया मइया --- (2)
रउरा घाटे डुब्हिया गड़ाई देबो
मकरी उजाड़ी देबो --- (2)
ए हँसी हँसी कहेली पिंक्या देई
हाथ में सिन्दूरा लिहले --- (2)
रउरा घाटे गोबर लीपाई देबो
चंदन छिड़काई देबो --- (2)
ए हाथ जोड़ी कहेली अशोक सेवक
सुनिए छठिया मइया --- (2)
रउरा घाटे धुधिया गड़ाई देबो
मकरी उजाड़ी देबो --- (2)
ए हँसी हँसी कहेली प्रतिमा देई
हाथ में सिन्दूरा लिहले --- (2)
रउरा घाटे छानी तनाई देबो
ओसिया भराई देबो --- (2)
ए हाथ जोड़ी कहेली किशोर सेवक
सुनिए छठिया मइया --- (2)
रउरा घाटे धुधिया गड़ाई देबो
मकरी उजाड़ी देबो --- (2)
ए हँसी हँसी कहेली उषा देई
हाथ में सिन्दूरा लिहले --- (2)
रउरा बाजना बजाई देबो
दूध में अर्घ्य देबो --- (2)