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छठ पूजा | कोपी कोपी बोलेली छठिया मइया || kopi kopi boleli chhathi maiya lyrics
छठ पूजा
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
भजन का अर्थ
इस भजन में छठी मैया नाराज़ होकर भक्तों को घाट की सफाई न होने का उलाहना देती हैं, और भक्त वादा करते हैं कि वे घाट साफ कर, गोबर लीपकर, चंदन छिड़ककर माँ को प्रसन्न करेंगे।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह गीत छठ पूजा में घाट की सफाई और तैयारी के समय गाया जाता है, जो घाट की पवित्रता के महत्व को दर्शाता है।
भजन के बोल
कोपी कोपी बोलेली छठिया मइया
सुनिए सेवक लोग --- (2)
मोरा घाटे धुधिया उपज गई ले
मकरी बसेरा लिहले --- (2)
कोपी कोपी बोलेली छठिया मइया
सुनिए सेवक लोग --- (2)
मोरा घाटे धुधिया उपज गई ले
मकरी बसेरा लिहले --- (2)
ए हाथ जोड़ी कहेली पंकज सेवक
सुनिए छठिया मइया --- (2)
रउरा घाटे डुब्हिया गड़ाई देबो
मकरी उजाड़ी देबो --- (2)
ए हँसी हँसी कहेली पिंक्या देई
हाथ में सिन्दूरा लिहले --- (2)
रउरा घाटे गोबर लीपाई देबो
चंदन छिड़काई देबो --- (2)
ए हाथ जोड़ी कहेली अशोक सेवक
सुनिए छठिया मइया --- (2)
रउरा घाटे धुधिया गड़ाई देबो
मकरी उजाड़ी देबो --- (2)
ए हँसी हँसी कहेली प्रतिमा देई
हाथ में सिन्दूरा लिहले --- (2)
रउरा घाटे छानी तनाई देबो
ओसिया भराई देबो --- (2)
ए हाथ जोड़ी कहेली किशोर सेवक
सुनिए छठिया मइया --- (2)
रउरा घाटे धुधिया गड़ाई देबो
मकरी उजाड़ी देबो --- (2)
ए हँसी हँसी कहेली उषा देई
हाथ में सिन्दूरा लिहले --- (2)
रउरा बाजना बजाई देबो
दूध में अर्घ्य देबो --- (2)
दिल दबाकर अपना समर्थन दिखाइए







