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छठ पूजा | भोरवे में नदिया नहाईला || Bhorwe Me Nadiya Nahaila Lyrics || Chhath Puja
chhath puja
भजन का अर्थ
इस भजन में एक निःसंतान स्त्री की व्यथा और उसकी आस्था का वर्णन है। गोतिनी के ताने सहकर भी वह सूर्य देव की आराधना करती है और नौ माह बाद संतान सुख पाती है। छठ व्रत की महिमा यही है कि जो सच्ची श्रद्धा से व्रत करे, उसकी हर मनोकामना पूरी होती है। यह भजन माँ की ममता और छठी मैया की कृपा का भावुक चित्रण है।
भजन के बोल
भोरवे में नदिया नहाईला आदित मनाईला हो,
बाबा फूलवा अक्षतवा चढ़ाईला सब गुण गाईला हो || --- (2)
अस धरवाईब सईया अन्हरिया से बोझिल हो,
बाबा अँगने में मांगीला अंजोर ई मथवा नवाईला हो || --- (2)
गजमोती चउका पुराईला अंचरा बिछाईला हो,
बाबा अँगने में फूलवा त लागेला फलवा न खाईला हो || --- (2)
ताना देके कहेले गोतीनिया ई बाँझ बा बहिनिया नु हो,
बाबा सुनी सुनी बोलिया गोतीनिया मो लोरवा बहाईला हो || --- (2)
चुप रहु धीर करूँ दुखिया ना सुन रही कोखिया नु हो,
बस आजु के नव ये महिनावा होरिला मुस्काईला हो || --- (2)
बाबा फूलवा अक्षतवा चढ़ाईला सब गुण गाईला हो || --- (2)