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छठ पूजा | भोरवे में नदिया नहाईला || Bhorwe Me Nadiya Nahaila Lyrics || Chhath Puja
छठ पूजा
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 23 अक्टूबर 2025
भजन का अर्थ
यह भावुक छठ गीत एक निःसंतान स्त्री की व्यथा और उसकी अटूट आस्था को दर्शाता है, जो गोतिनी के तानों के बावजूद सूर्य देव की आराधना करती है और नौ माह बाद संतान-सुख पाती है।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह गीत छठ पूजा में संतान-प्राप्ति की कामना करने वाली महिलाओं द्वारा विशेष श्रद्धा से गाया जाता है।
भजन के बोल
भोरवे में नदिया नहाईला आदित मनाईला हो,
बाबा फूलवा अक्षतवा चढ़ाईला सब गुण गाईला हो || --- (2)
अस धरवाईब सईया अन्हरिया से बोझिल हो,
बाबा अँगने में मांगीला अंजोर ई मथवा नवाईला हो || --- (2)
गजमोती चउका पुराईला अंचरा बिछाईला हो,
बाबा अँगने में फूलवा त लागेला फलवा न खाईला हो || --- (2)
ताना देके कहेले गोतीनिया ई बाँझ बा बहिनिया नु हो,
बाबा सुनी सुनी बोलिया गोतीनिया मो लोरवा बहाईला हो || --- (2)
चुप रहु धीर करूँ दुखिया ना सुन रही कोखिया नु हो,
बस आजु के नव ये महिनावा होरिला मुस्काईला हो || --- (2)
बाबा फूलवा अक्षतवा चढ़ाईला सब गुण गाईला हो || --- (2)
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