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छठ पूजा स्पेशल | छठि मैया बुलाए ||chhathi maiya bulaye lyrics
chhath puja
भजन का अर्थ
यह भजन परदेस गए लोगों को घर और गाँव की याद दिलाता है जहाँ छठी मैया उनका इंतजार कर रही हैं। परिवार की महिलाएँ मिलकर छठ माई के गीत गाती हैं और ठेकुआ बनाती हैं। बाबूजी बाजार से केले और नींबू लाते हैं और बहंगी फलों से लद जाती है। यह भजन छठ पर्व की पारिवारिक एकता और भक्ति की मिठास को खूबसूरती से बयान करता है।
भजन के बोल
बन परदेशिया जे गइल शहर तू, बिसरा के लोग आपन गांव के घर तू
उहे घरवा उहे गलिया पुकारे, छठि मैया रास्ता निहारे
जय हो छठि मैया, बुलावे छठि मैयाअंगना में जीजी संग मौसी
छठि माई के गीत गाए --- (2)
अंगना में जीजी संग मौसी
छठि माई के गीत गाए --- (2)
सज धज के नयिकी दुल्हिन
पर्व के ठेकुआ बनाए --- (2)
हे छठि मैया होउ ना सहाय --- (2)
बाबूजी गेलथुन केलवा किनाये, पटना बजरवा से नेमुआ ले आये
फलवा से बबुनी बहंगी सजाए, हो फलवा के भरवा से लचकत जाए
बहंगी लचकत जाए --- (2)
पानी में खड़ा होके बरती
मांगे आशीष अपार --- (2)
सबके सुहागिन रखिह
दिह उमिर हजार ---(2)
हे दीनानाथ सुन ल पुकार
हे दीनानाथ विनती हमार --- (2)
पुरा जग से हारे, आए तेरे द्वारे
सुने हैं कि छठि माय, भाग संवारे