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छठ पूजा स्पेशल | छठि मैया बुलाए ||chhathi maiya bulaye lyrics
छठ पूजा
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
भजन का अर्थ
यह भजन परदेस गए लोगों को अपने गाँव और घर की याद दिलाता है, जहाँ छठी मैया उनकी प्रतीक्षा कर रही हैं। परिवार की महिलाएँ मिलकर छठ माई के गीत गाती और ठेकुआ बनाती हैं।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन छठ पूजा की तैयारी के दौरान, विशेषकर परिवार के साथ मिलकर प्रसाद बनाते समय गाया जाता है।
भजन के बोल
बन परदेशिया जे गइल शहर तू, बिसरा के लोग आपन गांव के घर तू
उहे घरवा उहे गलिया पुकारे, छठि मैया रास्ता निहारे
जय हो छठि मैया, बुलावे छठि मैयाअंगना में जीजी संग मौसी
छठि माई के गीत गाए --- (2)
अंगना में जीजी संग मौसी
छठि माई के गीत गाए --- (2)
सज धज के नयिकी दुल्हिन
पर्व के ठेकुआ बनाए --- (2)
हे छठि मैया होउ ना सहाय --- (2)
बाबूजी गेलथुन केलवा किनाये, पटना बजरवा से नेमुआ ले आये
फलवा से बबुनी बहंगी सजाए, हो फलवा के भरवा से लचकत जाए
बहंगी लचकत जाए --- (2)
पानी में खड़ा होके बरती
मांगे आशीष अपार --- (2)
सबके सुहागिन रखिह
दिह उमिर हजार ---(2)
हे दीनानाथ सुन ल पुकार
हे दीनानाथ विनती हमार --- (2)
पुरा जग से हारे, आए तेरे द्वारे
सुने हैं कि छठि माय, भाग संवारे
दिल दबाकर अपना समर्थन दिखाइए







