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गौरा मैया के प्यारे गणेश ललना | Gaura Maiya Ke Pyare Ganesh Lalna Bhajan Lyrics
गणेश भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 23 जून 2023
भजन का अर्थ
यह भजन बाल गणेश को पालने में झुलाने का दृश्य रचता है, जहाँ गौरा मैया और भोले बाबा के इस दुलारे ललना को स्वयं विष्णु, राम, कृष्ण और हनुमान जी सोने का पालना लेकर आते हैं।
हर अंतरे में एक देवता-रूप और उनकी अर्धांगिनी मिलकर गणेश को झुलाते हैं — विष्णु-लक्ष्मी, राम-सीता, कृष्ण-राधा और हनुमान जी के साथ माँ अंजनी। अंत में सभी भक्त भी अपनी ओर से पालना लेकर आते हैं और स्वयं गणेश को झुलाते हैं।
इस तरह भजन यह भाव जगाता है कि गणेश जी सब देवताओं के भी प्रिय हैं, और भक्त का प्रेम भी उतना ही सच्चा है जितना देवताओं का।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन मुख्यतः गणेश चतुर्थी और गणपति स्थापना के समय गाया जाता है, विशेषकर जब घर या मंडप में बाल गणेश की मूर्ति या झांकी को पालने में झुलाया जाता है।
बुधवार को गणपति पूजा के अवसर पर तथा सामूहिक गणेश भजन-कीर्तन में भी यह भजन गाया जाता है, जहाँ भक्त मिलजुलकर गणपति को लोरी की तरह झुलाते हुए गाते हैं।
भजन के बोल
बोलिए श्री गजानन महाराज की जय
गौरा मैया के प्यारे गणेश ललना, भोले बाबा के प्यारे गणेश ललना,
गणेश ललना प्यारे ललना.
मेरे विष्णु जी लाए सोने का पलना, लक्ष्मी मैया झुलावे गणेश ललना,
गौरा मैया के प्यारे गणेश ललना. ---- (2)
मेरे राम जी लाए सोने का पलना, सीता मैया झुलावे गणेश ललना,
गौरा मैया के प्यारे गणेश ललना. ---- (2)
मेरे कृष्ण जी लाए सोने का पलना, राधा मैया झुलावे गणेश ललना,
गौरा मैया के प्यारे गणेश ललना. ---- (2)
मेरे हनुमत भी लाए सोने का पलना, माँ अंजनी झुलावे गणेश ललना,
गौरा मैया के प्यारे गणेश ललना. ---- (2)
सारे भक्त भी लाए सोने का पलना, हम सब भी झुलावे गणेश ललना,
गौरा मैया के प्यारे गणेश ललना ---- (2)
दिल दबाकर अपना समर्थन दिखाइए



