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धीरे-धीरे नाचो रे गणेश, दुनिया देख रही Ganesh Chaturthi Bhajan Lyrics | Dhire Dhire Nacho Re Ganesh
गणेश भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 6 सितंबर 2024
भजन का अर्थ
यह प्यारा भजन बाल गणेश को धीरे-धीरे नाचने, नहाने, मोदक खाने और सोने का दुलार भरा आग्रह करता है, क्योंकि "दुनिया देख रही है"।
यह भजन गणपति की मासूम बाल-छवि को अत्यंत स्नेह और वात्सल्य से चित्रित करता है।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन गणेश चतुर्थी के दस दिवसीय उत्सव में, विशेषकर गणपति स्थापना और श्रृंगार के समय गाया जाता है।
भजन के बोल
मंदिर में ढोलक बाजे गणपति नाचे,
धीरे-धीरे नाचो रे गणेश, दुनिया देख रही ||
तांबे का कलशा ठंडा सा पानी,
धीरे-धीरे नाहाओ रे गणेश, दुनिया देख रही ||
प्यार से मैंने मोदक बनाए,
धीरे-धीरे खाओ रे गणेश, दुनिया देख रही ||
सोने का लोटा निर्मल पानी,
धीरे-धीरे पियो रे गणेश, दुनिया देख रही ||
चुन-चुन दूर्वा माला बनाई,
धीरे-धीरे पेहनो रे गणेश, दुनिया देख रही ||
रेशम की चादर झालरदार तकिया,
धीरे-धीरे सोवो रे गणेश, दुनिया देख रही ||
छोटा सा प्यारा मंदिर बनाया,
धीरे-धीरे आवो रे गणेश, दुनिया देख रही ||
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