"गीत की धुन को समझने के लिए, वीडियो जरूर देखें।"

आरती जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा || aarti jai ganesh jai ganesh jai ganesh deva lyrics
Ganesh Bhajan
भजन का अर्थ
यह गणेश जी की प्रसिद्ध आरती है जो हर शुभ कार्य से पहले गाई जाती है और बिना इसके पूजा अधूरी मानी जाती है। एकदंत, दयावंत, चार भुजाधारी, माथे पर सिंदूर और मूषक की सवारी वाले गणेश जी की स्तुति है। वे अंधों को आँखें, कोढ़ियों को काया, बाझ को पुत्र और निर्धन को माया देते हैं। यह आरती विघ्नहर्ता गणपति के आशीर्वाद से सभी कार्य सिद्ध होने की प्रार्थना है।
भजन के बोल
"किसी भी शुभ कार्य से पहले गणेश जी की आरती की जाती है |
इस पावन दिन गणपति की आरती जरूर कर लें।
गणपति की आरती के बिना हर पूजा अधूरी मानी जाती है। "
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा |
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ||
एकदंत, दयावन्त, चार भुजाधारी |
माथे सिन्दूर सोहे, मूस की सवारी ||
पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा |
लड्डुअन का भोग लगे, सन्त करें सेवा ||
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश, देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।।
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया,
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया।
'सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।।
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा ..
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।
बोलो गजानन महाराज की जय 🙏.