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आज की रात रुक जाना,ओ भोले हमरी नगरिया में Aaj Ki Raat Ruko Jana O Bhole BabaShiv Bhajan
शिव भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 29 अगस्त 2026
भजन का अर्थ
इस सुंदर भोलेनाथ भजन में भक्त प्रेम और श्रद्धा से भोले बाबा से अपनी नगरिया में रुकने की विनती करता है। भक्त भोलेनाथ को भंगिया का भोग लगाने, उनके नंदी के सींग सजाने, गंगा मैया को चुनरी चढ़ाने और भोले बाबा को मृगछाला पहनाने की इच्छा व्यक्त करता है।
भजन के अंत में भक्त हाथ जोड़कर भोलेनाथ से विनती करता है और उनसे डमरू बजाकर अपनी नगरिया में विराजने की प्रार्थना करता है। यह भजन भगवान शिव के प्रति भक्त की अटूट श्रद्धा, प्रेम और समर्पण को दर्शाता है।
भजन के बोल
भोलेनाथ भजन
आज की रात रुक जाना,ओ भोले हमरी नगरिया में
आज की रात रुक जाना,ओ भोले हमरी नगरिया में
हमरी नगरिया में हमरी नगरिया में,
आज की रात रुक जाना...
हमरी नगरिया में गंगा बहुत है
चरण धुला के चले जाना,ओ भोले हमरी नगरिया में
आज की रात रुक जाना...
हमरी नगरिया में भांग बहुत है
भोग लगा के चले जाना,ओ भोले हमरी नगरिया में
आज की रात रुक जाना...
हमरी नगरिया में नाग बहुत है
माला पहन के चले जाना,ओ भोले हमरी नगरिया में
आज की रात रुक जाना...
हमरी नगरिया में डमरू बहुत है
सबको नचा के चले जाना,ओ भोले हमरी नगरिया में
आज की रात रुक जाना...
हमरी नगरिया में नंदी बहुत है
करके सवारी चले जाना,ओ भोले हमरी नगरिया में
आज की रात रुक जाना...
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