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श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं | Shri Banke Bihari Teri Aarti Gaun Lyrics
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श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं | Shri Banke Bihari Teri Aarti Gaun Lyrics

धार्मिक कथाएँ

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संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम

जोड़ा गया: 4 सितंबर 2026

भजन का अर्थ

यह भजन श्री बांके बिहारी यानी भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है। इसमें भक्त प्रेम और श्रद्धा से भगवान की आरती करते हुए उनके सुंदर श्याम स्वरूप, चरणों और करुणामय स्वभाव का गुणगान करता है।

भक्त श्री बांके बिहारी, गिरिधर और श्याम सुंदर के रूप में भगवान श्रीकृष्ण की आरती गाने और उन्हें प्रसन्न करने की इच्छा व्यक्त करता है।
मोर मुकुट और बांसुरी से सजे कृष्ण के मनमोहक स्वरूप को देखकर भक्त स्वयं को उनके रूप पर न्योछावर करना चाहता है।
भगवान के चरणों से निकली पवित्र गंगा की महिमा बताते हुए भक्त उनके चरणों के दर्शन पाने की कामना करता है।
भक्त श्रीहरि को अपने जीवन का सहारा और सुख-दुःख में साथ देने वाला मानकर उनके चरणों में अपना शीश झुकाता है।
अंत में भक्त कृष्ण को अपने जीवन का धन मानते हुए गोपाल, गिरधारी और कुंज बिहारी के रूप में उनकी आरती गाने की प्रार्थना करता है।

यह भजन कब और क्यों गाया जाता है

यह भजन भगवान श्रीकृष्ण की आरती और भक्ति के समय गाया जाता है।
इसे श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, दैनिक पूजा, मंदिर की आरती और भजन-कीर्तन के अवसर पर गाया जा सकता है।
विशेष रूप से वृंदावन और श्री बांके बिहारी की भक्ति से जुड़े धार्मिक आयोजनों में इसका भाव उपयुक्त है।
भक्त भगवान के प्रति प्रेम, श्रद्धा और समर्पण व्यक्त करने के लिए इस आरती को गाते हैं।

भजन के बोल

श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं,
हे गिरिधर तेरी आरती गाऊं।
आरती गाऊं प्यारे आपको रिझाऊं,
श्याम सुन्दर तेरी आरती गाऊं।
बाल कृष्ण तेरी आरती गाऊं॥

Shri Banke Bihari teri aarti gaaun,
He Giridhar teri aarti gaaun।
Aarti gaaun pyare aapko rijhaun
Shyam Sundar teri aarti gaaun।
Bal Krishna teri aarti gaaun॥

मोर मुकुट प्यारे शीश पे सोहे।
प्यारी बंसी मेरो मन मोहे।
देख छवि बलिहारी मैं जाऊं।
श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं॥

Mor mukut pyare sheesh pe sohe
Pyari bansuri mero man mohe।
Dekh chhavi balihari main jaaun
Shri Banke Bihari teri aarti gaaun

चरणों से निकली गंगा प्यारी,
जिसने सारी दुनिया तारी।
मैं उन चरणों के दर्शन पाऊं।
श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं॥

Charanon se nikli Ganga pyari,
Jisne saari duniya taari।
Main un charanon ke darshan paaun
Shri Banke Bihari teri aarti gaaun

दास अनाथ के नाथ आप हो।
दुःख सुख जीवन प्यारे साथ आप हो।
हरी चरणों में शीश झुकाऊं।
श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं॥

Daas anaath ke naath aap ho।
Dukh sukh jeevan pyare saath aap ho
Hari charanon mein sheesh jhukaaun
Shri Banke Bihari teri aarti gaaun

श्री हरीबाबा के प्यारे तुम हो।
मेरे प्यारे जीवन धन हो।
श्याम सुन्दर तेरी आरती गाउ।
श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं॥

Shri Haribaba ke pyare tum ho।
Mere pyare jeevan dhan ho।
Shyam Sundar teri aarti gaaun
Shri Banke Bihari teri aarti gaaun

हे गिरधारी तेरी आरती गाउ।
श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं॥
मनन गोपाल तेरी आरती गाऊं।
कुञ्ज बिहारी तेरी आरती गाऊं

He Girdhari teri aarti gaaun।
Shri Banke Bihari teri aarti gaaun
Manan Gopal teri aarti gaaun
Kunj Bihari teri aarti gaaun

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