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मुरली जोर की बजाई रे नंदलाला || Murli jor ki bajai re nand laala Bhajan Lyrics
Krishna Bhajan
भजन का अर्थ
इस भजन में कृष्ण की मुरली की आवाज ने राधा, मीरा, गोपियाँ, नरसी भगत और सुदामा सभी को खींच लिया। मुरली की आवाज सुनकर राधा दौड़ती आई, मीरा ने प्रीत लगाई, गोपियाँ खींची चली आईं और नरसी की लाज बचाई। भक्त प्रार्थना करते हैं कि उनकी नैया भी पार लगा दो। यह भजन कृष्ण की बाँसुरी के अद्भुत आकर्षण को दर्शाता है।
भजन के बोल
मुरली जोर की बजाई रे नंदलाला,
नन्द लाला ओ गोपाला,
मुरली की आवाज राधे बरसाने सुनी थी,
राधे दोड़ती चली आई रे नंदलाला,
मुरली जोर की बजाई रे नंदलाला
मुरली की आवाज मीरा वृन्दावन सुनी थी,
प्रीत मीरा ने लगाई रे नन्द लाला,
मुरली जोर की बजाई रे नंदलाला
मुरली की आवाज गोपियाँ यमुना पे सुनी थी,
गोपियाँ खींची चली आई रे नन्द लाला,
मुरली जोर की बजाई रे नंदलाला
मुरली की आवाज भक्त नरसी ने सुनी थी,
लाज तूने ही बचाई रे नन्द लाला,
मुरली जोर की बजाई रे नंदलाला
मुरली की आवाज सुदामा ने सुनी थी,
यारी तुह्ने ही निभाई रे नंदलाला,
मुरली जोर की बजाई रे नंदलाला,
मुरली की आवाज तेरे भक्तो ने सुनी थी,
नैया पार तू लगाई दे नन्द लाला,.
मुरली जोर की बजाई रे नंदलाला