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झूला झूल रहे भगवान नंद जी के आँगन में | Jhula Jhul Rahe Bhagwan Nandji Ke Aangan Mein | Janmashtami Bhajan Lyrics
Krishna Bhajan
भजन का अर्थ
यह जन्माष्टमी भजन नंद जी के आँगन में पालने में झूलते भगवान कृष्ण का वर्णन करता है। माता यशोदा मधुर मुस्कान के साथ पलना झुला रही हैं। नंद भवन में भीड़ लगी है, शिव शंकर भी दर्शन को आए और बालक-बूढ़े-जवान सब दर्शन के लिए होड़ लगाए हैं। यह भजन कृष्ण जन्म की खुशी और नंद भवन के उत्सव का सुंदर चित्रण है।
भजन के बोल
झूला झूल रहे भगवान नंद जी के आँगन में........(2)
झूला झूल रहे भगवान नंद जी के आँगन में ||
माता यशोदा पलना झुलाए, माता यशोदा पलना झुलाए,
चहरे पे मधुर मुसकान, नंद जी के आँगन में.........
झूला झूल रहे भगवान नंद जी के आँगन में........(2)
भीड लगी है नंद भवन में, भीड लगी है नंद भवन में......
अरे आया नया मेहमान नंद जी के आँगन में..........
झूला झूल रहे भगवान नंद जी के आँगन में........(2)
शिव शंकर दर्शन को आये, शिव शंकर दर्शन को आये........
श्री कृष्ण ने लीया पहचान नंद जी के आँगन में.......
झूला झूल रहे भगवान नंद जी के आँगन में........(2)
प्रभु दर्शन की होड लगी है, प्रभु दर्शन की होड लगी है.......
क्या बालक बूढे जवान नंद आँगन में.......
झूला झूल रहे भगवान नंद जी के आँगन में........(2)