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झूला झूल रहे भगवान नंद जी के आँगन में | Jhula Jhul Rahe Bhagwan Nandji Ke Aangan Mein | Janmashtami Bhajan Lyrics
कृष्ण भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 25 अगस्त 2024
भजन का अर्थ
यह भजन नंद जी के आँगन में पालने में झूलते बाल कृष्ण और यशोदा मैया के मधुर वात्सल्य का चित्रण करता है।
नंद भवन में उमड़ी भीड़ और स्वयं शिव जी के दर्शन को आने का वर्णन कृष्ण जन्म की दिव्यता और महत्ता को दर्शाता है।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन जन्माष्टमी पर पालना-झूला झुलाने की रस्म के समय गाया जाता है।
भजन के बोल
झूला झूल रहे भगवान नंद जी के आँगन में........(2)
झूला झूल रहे भगवान नंद जी के आँगन में ||
माता यशोदा पलना झुलाए, माता यशोदा पलना झुलाए,
चहरे पे मधुर मुसकान, नंद जी के आँगन में.........
झूला झूल रहे भगवान नंद जी के आँगन में........(2)
भीड लगी है नंद भवन में, भीड लगी है नंद भवन में......
अरे आया नया मेहमान नंद जी के आँगन में..........
झूला झूल रहे भगवान नंद जी के आँगन में........(2)
शिव शंकर दर्शन को आये, शिव शंकर दर्शन को आये........
श्री कृष्ण ने लीया पहचान नंद जी के आँगन में.......
झूला झूल रहे भगवान नंद जी के आँगन में........(2)
प्रभु दर्शन की होड लगी है, प्रभु दर्शन की होड लगी है.......
क्या बालक बूढे जवान नंद आँगन में.......
झूला झूल रहे भगवान नंद जी के आँगन में........(2)
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