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जरा फूलों से सजा दो गोकुल को, मेरा कान्हा आने वाला है jara phoolon se saja do gokul ko, mera kaanha aane vaala hai |
Krishna Bhajan
भजन का अर्थ
यह जन्माष्टमी भजन गोकुल को फूलों से सजाकर कान्हा के आगमन की तैयारी का वर्णन करता है। काजल-काला धागा नजर से बचाने के लिए, सोने का पालना और मखमल की चादर, चांदी का लोटा-सोने की थाली, माखन-मिश्री-लड्डू का भोग और ढोल-नगाड़े बजाकर जयजयकार करने की तैयारी है। यह भजन कृष्ण जन्म की तैयारी की उत्साहपूर्ण खुशी को दर्शाता है।
भजन के बोल
जन्माष्टमी भजन
जरा फूलों से सजा दो गोकुल को, मेरा लल्ला आने वाला है
जरा फूलों से सजा दो गोकुल को, मेरा कान्हा आने वाला है |
कोई काजल की डिबिया ले आओ, कोई काला धागा ले आओ
कहीं नजर ना लग जाए कान्हा को, मेरा लल्ला.......
कोई सोने का पालना ले आओ कोई मखमल का चादर ले आओ
कोई झूला लगा दो आंगन में, मेरा लल्ला......
कोई चांदी का लोटा ले आओ कोई सोने की थाली ले आओ,
जरा चरण धुला दो लल्ला के मेरा लल्ला........
खोई माखन मिश्री ले आओ, कोई लड्डू पेड़े ले आओ
जरा भोग लगा दो लल्ला को, मेरा लल्ला...........
कोई ढोल नगाड़े बजाओ रे, कोई मंगल गाने गाओ रे
सब मिलके जय जयकार करो, मेरा लल्ला....