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जरा फूलों से सजा दो गोकुल को, मेरा कान्हा आने वाला है jara phoolon se saja do gokul ko, mera kaanha aane vaala hai |
कृष्ण भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 1 सितंबर 2023
भजन का अर्थ
यह जन्माष्टमी भजन कान्हा के जन्म की प्रतीक्षा में गोकुलवासियों की उत्सुकता और तैयारियों को दर्शाता है। भक्त कहता है कि गोकुल को फूलों से सजा दो, काजल की डिबिया और काला धागा ले आओ ताकि लल्ला को नज़र न लगे, और सोने का पालना ले आओ — मानो साक्षात कान्हा जन्म लेने वाले हों।
यह भजन जन्माष्टमी की सरल, उत्सवपूर्ण और वात्सल्यभरी भावना को दर्शाता है, जैसे कोई परिवार अपने घर में नन्हे मेहमान के आगमन की तैयारी कर रहा हो।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन जन्माष्टमी के अवसर पर विशेष रूप से गाया जाता है, जब घरों और मंदिरों में कृष्ण जन्म की झांकी सजाई जाती है और आधी रात को कान्हा के जन्म का उत्सव मनाया जाता है।
कृष्ण जन्मोत्सव के जागरण और भजन-संध्या में भी इसे बड़े उत्साह से गाया जाता है।
इससे जुड़ी मान्यता
पौराणिक कथा के अनुसार मथुरा के राजा कंस को आकाशवाणी से पता चला था कि उसकी बहन देवकी की आठवीं संतान उसका वध करेगी। भयभीत कंस ने देवकी और उसके पति वासुदेव को कारागार में डाल दिया और एक-एक कर उनकी सात संतानों को मार डाला।
भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी की आधी रात को जब देवकी के आठवें पुत्र कृष्ण का जन्म हुआ, तभी चमत्कारिक रूप से कारागार के द्वार स्वयं खुल गए, पहरेदार गहरी नींद में सो गए और वासुदेव की बेड़ियाँ खुल गईं। वासुदेव उसी रात नवजात कृष्ण को यमुना पार गोकुल ले गए और नंद-यशोदा के घर जन्मी कन्या से उनका आदान-प्रदान कर दिया। इस तरह कृष्ण गोकुल में यशोदा मैया की गोद में पले-बढ़े और कंस के षड्यंत्रों से सुरक्षित रहे।
भजन के बोल
जन्माष्टमी भजन
जरा फूलों से सजा दो गोकुल को, मेरा लल्ला आने वाला है
जरा फूलों से सजा दो गोकुल को, मेरा कान्हा आने वाला है |
कोई काजल की डिबिया ले आओ, कोई काला धागा ले आओ
कहीं नजर ना लग जाए कान्हा को, मेरा लल्ला.......
कोई सोने का पालना ले आओ कोई मखमल का चादर ले आओ
कोई झूला लगा दो आंगन में, मेरा लल्ला......
कोई चांदी का लोटा ले आओ कोई सोने की थाली ले आओ,
जरा चरण धुला दो लल्ला के मेरा लल्ला........
खोई माखन मिश्री ले आओ, कोई लड्डू पेड़े ले आओ
जरा भोग लगा दो लल्ला को, मेरा लल्ला...........
कोई ढोल नगाड़े बजाओ रे, कोई मंगल गाने गाओ रे
सब मिलके जय जयकार करो, मेरा लल्ला....
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