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ये गोटेदार चुनरी आजा माँ ओढ़ के, मेरे घर आजा माँ तू मंदिर को छोड़ के || Ye Gotedar Chunari Aja Maa Odh Ke Lyrics
Mata Bhajan
भजन का अर्थ
इस भजन में भक्त माँ को गोटेदार चुनरी ओढ़कर मंदिर छोड़कर घर आने का निमंत्रण देता है। राम-लक्ष्मण-सीता कुटिया छोड़कर, शंकर-गणपति-गौरा पर्वत छोड़कर और कृष्ण-राधा-रुक्मणी द्वारका छोड़कर आए हैं। यह भजन भक्त की माँ से घर आने की प्रार्थना और सभी देवताओं के उपस्थित होने की कल्पना को सुंदर भाव में प्रस्तुत करता है।
भजन के बोल
ये गोटेदार चुनरी आजा माँ ओढ़ के,
मेरे घर आजा मैया मंदिर को छोड़ के।।
राम भी आए मैया लक्ष्मण भी आए है,
सीता भी आई मईया कुटिया को छोड़ के,
ये गोटेदार चुनड़ी आजा माँ ओढ़ के,
मेरे घर आजा मैया मंदिर को छोड़ के।।
शंकर भी आए मैया गणपति भी आएं,
गौरा भी आई मैया पर्वत को छोड़ के,
ये गोटेदार चुनरी आजा माँ ओढ़ के,
मेरे घर आजा मैया मंदिर को छोड़ के।।
राधा भी आई मईया रुक्मणि भी आई,
कृष्णा भी आए मैया द्वारिका को छोड़ के,
ये गोटेदार चुनड़ी आजा माँ ओढ़ के,
मेरे घर आजा मैया मंदिर को छोड़ के।।
ये गोटेदार चुनरी आजा माँ ओढ़ के,
मेरे घर आजा मैया मंदिर को छोड़ के।।