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तूने पानी में ज्योत जलाई रे || Tune Pani Me Jyot Jagayi Re Teri Jay Ho Jwala Mayi Re Lyrics
Mata Bhajan
भजन का अर्थ
यह भजन माँ ज्वाला देवी की उत्पत्ति कथा को वर्णित करता है। देवी सती ने राजा दक्ष के यज्ञ में शिव का अपमान सहन न कर हवन कुंड में आत्मदाह किया। शिव ने क्रोध में सती को कंधे पर उठाया और जहाँ-जहाँ अंग पड़े वहाँ शक्तिपीठ बने। जहाँ जीभ गिरी वहाँ माँ ज्वाला और जहाँ नयन गिरे वहाँ माँ नैना कहलाईं। यह भजन शक्तिपीठों की उत्पत्ति की पवित्र कथा है।
भजन के बोल
तूने पानी में ज्योत जगाई रे,
तेरी जय हो ज्वाला माई रे
तूने राजा दक्ष के जनम लिया
शिव शंकर के संग ब्याह किया
तू तो पार्वती कहलाई रे
तेरी जय हो ज्वाला माई रे
तूने पानी में ज्योत जगाई रे ---- (2)
तेरे पिता ने यज्ञ रचाया था,
और तुमको नही बुलाया था,
तू तो बिना बुलाये चली आयी रे,
तेरी जय हो ज्वाला माई रे
तूने पानी में ज्योत जगाई रे --- (2)
सब देवो का आव्हान हुआ
शिवशंकर का अपमान हुआ,
तू हवन कुंड में समायी रे,
तेरी जय हो ज्वाला माई रे,
तूने पानी में ज्योत जगाई रे --- (2)
शिव शंकर का जब क्रोध बढ़ा
भोलेबाबा का जब क्रोध बढ़ा
कांधे पे सती उठाई रे
तेरी जय हो ज्वाला माई रे
तूने पानी में ज्योत जगाई रे --- (2)
मैया जहाँ तुम्हारे अंग पड़े
मैया वहा वहा तेरे मंदिर बने
तू तो शक्ति पीठ कहलाई रे
तेरी जय हो ज्वाला माई रे
तूने पानी में ज्योत जगाई रे --- (2)
मैया जहा तुम्हारी जीभ गिरी
मैया जहा तुम्हारी जीभ गिरी
तू तो माँ ज्वाला कहलाई रे
तेरी जय हो ज्वाला माई रे
तूने पानी में ज्योत जगाई रे --- (2)
मैया जहा तुम्हारे नैन गिरे
मैया जहा तुम्हारे नैन गिरे
तू तो माँ नैना कहलाई रे
तूने पानी में ज्योत जगाई रे --- (2)